नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। नासिक से प्याज की पहली खेप, जिसे ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम दिया गया है, गुरुवार को दिल्ली पहुंचने की संभावना है। सरकार का मकसद बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में संभावित उछाल को रोकना है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्याज की रोजाना खपत और जरूरत का आकलन शुरू कर दिया है। इसके आधार पर आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ाने की योजना तैयार की जाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि फिलहाल दिल्ली में प्याज की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार भविष्य की स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस संबंध में बैठक कर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाएगी आपूर्ति
मंत्री ने बताया कि विभाग दिल्ली में प्याज की वास्तविक मांग का आकलन कर रहा है। आवश्यकता के आधार पर 10 मीट्रिक टन, 15 मीट्रिक टन या उससे अधिक मात्रा में प्याज की आपूर्ति की मांग की जा सकती है। केंद्र के खाद्य मंत्रालय ने भी दिल्ली सरकार को जरूरत पड़ने पर पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। सरकार का कहना है कि यदि प्याज की कीमतों में और तेजी आती है तो आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा। ऐसे में अब नासिक से दिल्ली पहुंचने वाली पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ पर नजर है, जिससे राजधानी के बाजारों में प्याज की आपूर्ति बढ़ने और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
