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PCOS, PCOD और महिला स्वास्थ्य पर खुलकर हुई चर्चा – गिरिडीह में इनरव्हील क्लब पर्ल्स की विशेष पहल
महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्म-देखभाल को लेकर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
Highlights :
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इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह पर्ल्स ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर आयोजित की विशेष कार्यशाला।
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भावना सहाय (NAB दिल्ली) ने पीसीओएस, पीसीओडी और यौन शोषण पर दी जागरूकता।
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कार्यक्रम में महिलाओं ने पहली बार संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर साझा किए अपने अनुभव।
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‘ब्लडी नेचुरल’ अभियान के तहत जरूरतमंद महिलाओं को सेनेटरी पैड्स और फल वितरित।
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कार्यक्रम का नेतृत्व पीडीसी पुनम सहाय ने किया, सभी सदस्यों की रही सक्रिय भागीदारी।
गिरिडीह : महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह पर्ल्स द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं जैसे पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome), पीसीओडी (Polycystic Ovary Disorder) और यौन एवं प्रजनन शोषण जैसे संवेदनशील विषयों पर जागरूकता फैलाना था।
इस अवसर पर राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ (NAB दिल्ली) से भावना सहाय विशेष रूप से आमंत्रित की गईं। उन्होंने महिलाओं को न केवल इन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी बल्कि उनसे जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार संतुलित जीवनशैली, मानसिक जागरूकता और चिकित्सकीय परामर्श से इन बीमारियों को रोका और नियंत्रित किया जा सकता है।
भावना सहाय ने यौन और प्रजनन शोषण जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की और महिलाओं को उनके अधिकार, आत्म-सुरक्षा और कानूनी विकल्पों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और पहली बार इन विषयों पर खुलकर बात की।
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ कार्यक्रम के दौरान ‘ब्लडी नेचुरल’ अभियान भी चलाया गया। इसके तहत जरूरतमंद महिलाओं को सेनेटरी पैड्स और फल वितरित किए गए ताकि उन्हें स्वच्छता और पोषण का संदेश मिल सके।
यह सफल आयोजन मुख्य रूप से पीडीसी पुनम सहाय के नेतृत्व में संपन्न हुआ। वहीं इनरव्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनशाइन की सदस्य रीता सहाय का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन में क्लब की अध्यक्ष प्रीति भास्कर, सचिव नमिता वर्मा, संपादक सृष्टि सिन्हा, सदस्य मृदुला शर्मा समेत सभी सक्रिय सदस्याएं मौजूद रहीं और कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
यह कार्यशाला सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास थी जहाँ उन्होंने सीखा कि स्वस्थ रहना सिर्फ़ ज़रूरत नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।