रांची में पीएम के कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की मौजूदगी पर उठे सवाल, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को बताया नजरअंदाज
Highlights
👉 “मन की बात” के 132वें एपिसोड पर झारखंड में सियासी बयानबाजी
👉 सतीश पौल मुंजनी ने भाजपा नेताओं पर साधा निशाना
👉 महंगाई, बेरोजगारी और सुरक्षा मुद्दों को बताया नजरअंदाज
👉 एलपीजी गैस की कीमत और लंबी कतारों पर उठाए सवाल
👉 प्रधानमंत्री से जनता के सवालों का जवाब देने की मांग

विस्तार
कार्यक्रम पर सियासी घमासान
रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के 132वें एपिसोड को लेकर झारखंड भाजपा नेताओं के एकत्र होने पर सियासत तेज हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश पौल मुंजनी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
“मन की बात, जनता की नहीं”
सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल में केवल “मन की बात” करते हैं, लेकिन जनता के मुद्दों पर चर्चा नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर वरिष्ठ नेता तक डेढ़ घंटे तक कार्यक्रम सुनते रहे, लेकिन आम जनता की समस्याओं पर कोई ठोस पहल नहीं दिखाई देती।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भी उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव जैसे गंभीर विषयों पर भी स्पष्ट प्रतिक्रिया की कमी पर सवाल उठाए गए।
महंगाई और गैस संकट पर निशाना
मुंजनी ने देश में एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और सप्लाई को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार गैस की पर्याप्त उपलब्धता का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर आम लोग लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
सरकार से जवाबदेही की मांग
उन्होंने कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राहत चाहती है, लेकिन केंद्र सरकार केवल कार्यक्रमों और प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे जनता के सवालों का सीधा जवाब दें और ज्वलंत मुद्दों पर ठोस कदम उठाएं।
यह बयान एक बार फिर यह दिखाता है कि “मन की बात” जैसे कार्यक्रम भी अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं।
