सुगाहिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर करवा माता की पूजा और कथा सुनती हैं, रात को चांद निकलने पर अर्घ्य देकर व्रत का पारण
Highlights:
- करवा चौथ कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है
- सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख के लिए निर्जला व्रत रखती हैं
- विधि-विधान से पूजा और कथा सुनने से शुभ फल प्राप्त होते हैं
- चंद्रमा निकलने से पहले मंगल देव की पूजा करना आवश्यक
- आज चंद्रोदय का समय शाम 08:13 बजे है, शहरों के अनुसार समय अलग-अलग
विस्तार:
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए करवा माता की पूजा करती हैं और कथा सुनती हैं। कथा पढ़ने या सुनने से उन्हें शुभ फल प्राप्त होते हैं। रात में चंद्रमा के निकलने पर सुहागिन महिलाएं चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। आज करवा चौथ पर चंद्रोदय शाम 08 बजकर 13 मिनट पर होगा।
करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय (Moonrise Timing):
- दिल्ली: 08:13 रात
- रांची: 07:56 रात
- नोएडा: 08:13 रात
- मुंबई: 08:55 रात
- कोलकाता: 07:41 रात
- चंडीगढ़: 08:08 रात
- इंदौर: 08:33 रात
- भोपाल: 08:26 रात
- अहमदाबाद: 08:47 रात
- जम्मू: 08:11 रात
- लुधियाना: 08:11 रात
- देहरादून: 08:04 रात
- शिमला: 08:06 रात
- पटना: 07:48 रात
- लखनऊ: 08:02 रात
- कानपुर: 08:06 रात
- प्रयागराज: 08:02 रात
- चेन्नई: 08:37 रात
- बेंगलुरु: 08:48 रात
- जयपुर: 08:22 रात
- रायपुर: 07:52 रात
करवा चौथ का ज्योतिषीय महत्व:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार करवा चौथ का दिन चंद्रमा और मंगल ग्रह की पूजा के लिए विशेष माना गया है। चंद्रमा मन, सुंदरता, आरोग्यता और भावनाओं का प्रतीक है, जबकि मंगल पति, दीर्घायु और सौभाग्य का कारक है। इस दिन मंगल पूजा के बाद चंद्रमा की आराधना से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और दांपत्य संबंध मजबूत होते हैं।
