नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी हाल ही में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा जरूर छेड़ दी, लेकिन अब चन्नी ने खुद इसकी वजह बताई है। मीडिया से बातचीत में चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को पहले ही अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था। दरअसल, उन्हें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए की परीक्षा देनी थी, जिसके कारण वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल नहीं हो सके।
बोले- पढ़ाई छोड़ता तो एक साल पीछे हो जाता
चन्नी ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठकें आगे भी होती रहेंगी और वह आने वाली बैठकों में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि यदि वह इस समय परीक्षा नहीं देते तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होती और डिग्री पूरी करने में उन्हें एक साल का नुकसान उठाना पड़ता। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह अपने विषय पर रिसर्च कर रहे हैं और परीक्षा छोड़ने से उनका शोध कार्य भी प्रभावित होता। उनके अनुसार, पढ़ाई और रिसर्च को जारी रखना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
पंजाब यूनिवर्सिटी से पुराना नाता
चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ अपने लंबे जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न अकादमिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है और वर्तमान में एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। चन्नी के मुताबिक, एमए कोर्स के दौरान वह अब तक 20 परीक्षाएं दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सेमेस्टर में उन्हें 74 प्रतिशत अंक मिले थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रिसर्च का काम जारी रखना चाहते हैं। उनका शोध कार्य मुख्य रूप से पंजाब के विकास से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा।
