रांची: रामगढ़ जिले की औद्योगिक इकाइयों में लगातार सामने आ रहे हादसों और श्रमिकों की मौत के मामलों को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन से व्यापक जांच की मांग की है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रामगढ़ के उपायुक्त को पत्र भेजकर जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराने और हादसों के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव शांतनु मिश्रा ने अपने पत्र में कहा है कि रामगढ़ में कोयला, इस्पात, स्पंज आयरन, सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़ी कई औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। ऐसे में यहां काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस ने हाल के वर्षों में जिले की औद्योगिक इकाइयों में हुए बड़े हादसों और उनमें जान गंवाने वाले लोगों का पूरा ब्योरा तैयार करने की मांग की है। साथ ही प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच कर यह पता लगाने की बात कही है कि हादसे तकनीकी खामी से हुए या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मानवीय लापरवाही इसकी वजह रही।


पत्र में हाल में मां छिन्नमस्तिका स्पंज एवं सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड में हुई दुर्घटना का भी जिक्र किया गया है। कांग्रेस के अनुसार, इस हादसे में तीन अभियंताओं की मौत हुई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ। पार्टी ने इस घटना को औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जरूरत से जोड़ा है। कांग्रेस ने प्रशासन से यह भी जांच कराने की मांग की है कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा जूते, दस्ताने, मास्क और आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। इसके अलावा नियमित सेफ्टी इंस्पेक्शन और सुरक्षा ऑडिट की स्थिति की भी जांच की मांग की गई है।
पार्टी ने कहा है कि श्रमिकों को कार्यस्थल पर संभावित खतरे और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी प्रशिक्षण मिल रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही हादसों में मृत और घायल हुए श्रमिकों के परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, बीमा और अन्य कानूनी लाभ मिले हैं या नहीं, इसकी जांच की मांग की गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के लिए यदि किसी औद्योगिक संस्थान के प्रबंधन, अधिकारी या ठेकेदार की जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी ने रामगढ़ जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने और जांच के बाद की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की है।
