ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, मैट्रिक के बाद दूर नहीं जाना पड़ेगा पढ़ने
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झारखंड सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले 765 सरकारी स्कूलों को प्लस टू स्तर तक अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से खासकर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार के इस निर्णय के बाद ऐसे स्कूलों का चयन किया जाएगा, जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और प्लस टू स्तर की पढ़ाई संचालित करने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा सकती है। स्कूलों के चयन के लिए जिला और राज्य स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा, जो निर्धारित मानकों के आधार पर अंतिम सूची तैयार करेंगी।
वर्तमान में झारखंड में लगभग 801 सरकारी प्लस टू स्कूल संचालित हैं। बावजूद इसके कई क्षेत्रों में विद्यार्थियों को मैट्रिक के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को इस कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकार का मानना है कि 765 स्कूलों के प्लस टू में अपग्रेड होने से शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी, ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और अधिक छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
यह फैसला राज्य में शिक्षा के विस्तार और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।