धनबाद कैरिज डिपो में जनसभा आयोजित, OPS से लेकर 8वें वेतन आयोग तक उठीं प्रमुख मांगें
Highlights
- ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर आयोजन
- ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन
- 36 सूत्री मांगों के समर्थन में “अखिल भारतीय मांग दिवस”
- OPS बहाली, 8वें वेतन आयोग और बोनस सीमा खत्म करने की मांग
- आउटसोर्सिंग व निजीकरण पर रोक लगाने की अपील
विस्तार
धनबाद। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के आह्वान पर मंगलवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के बैनर तले रेल कर्मचारियों ने “अखिल भारतीय मांग दिवस” मनाया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी 36 सूत्री मांगों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर धनबाद कैरिज डिपो के मुख्य द्वार पर एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रेल कर्मचारियों ने भाग लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने रेल कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं और लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
जनसभा में उठाई गई मुख्य मांगों में शामिल हैं—
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
- आठवें वेतन आयोग का शीघ्र गठन एवं क्रियान्वयन
- बोनस भुगतान की सीमा ₹7000 समाप्त कर
- मूल वेतन के आधार पर बोनस भुगतान
- रेलवे में आउटसोर्सिंग और निजीकरण पर पूर्ण रोक
- रनिंग कर्मचारियों के किलोमीटर भत्ते में 25% वृद्धि
वक्ताओं ने कहा कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार और रेलवे प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
एकजुट संघर्ष का आह्वान
यूनियन पदाधिकारियों ने रेल कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष जारी रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
जनसभा में ईसीआरकेयू के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें जितेंद्र कुमार साव, एन.के. खवास, प्रशांत बनर्जी, सी.एस. प्रसाद, आर.के. गोप, सुरेंद्र चौहान, इजहार आलम, विमान मंडल, ललन कुमार, मंटु सिन्हा, केशव, दिलीप कुमार, निजाम हुसैन, रामजीवन कुमार और अमरजीत यादव
सहित अन्य यूनियन सदस्य शामिल थे।

