डोरंडा में बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि, विचारों पर हुआ मंथन
Highlights:
👉 महासभा की ओर से अंबेडकर जयंती का आयोजन
👉 प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
👉 पूर्व में की गई प्रतिमाओं की साफ-सफाई
👉 सभा में बाबा साहेब के विचारों पर चर्चा
👉 समानता और अधिकारों पर दिया जोर
विस्तार:
रांची में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति महासभा की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महासभा के सदस्यों ने डोरंडा स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के तहत मंच के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के विचारों को साझा किया गया और उनके सिद्धांतों पर मनन-चिंतन किया गया। इससे पहले महासभा द्वारा सोमवार को रांची के अंबेडकर चौक सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं की साफ-सफाई भी की गई थी।
इस मौके पर आयोजित सभा में महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष आर.पी. रंजन ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समतामूलक समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उनके प्रयासों से समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार प्राप्त हुए।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि एक उत्सव के रूप में मनाई जा रही है, जो उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महासभा के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
