संयुक्त अभियान में सेना, पुलिस और CRPF की बड़ी कार्रवाई, नागरिकों को बंधक बनाने की साजिश से पहले ही बचाया गया
Highlights :
- जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर उस्मान मुठभेड़ में ढेर
- 7 तारीख से चल रहा था सेना, पुलिस और CRPF का संयुक्त ऑपरेशन
- नागरिकों को बंधक बनाने की साजिश नाकाम
- तीन आतंकी ठिकाने ध्वस्त, M4 राइफल और ग्रेनेड बरामद
- 2024 से सक्रिय था आतंकी उस्मान, 6 बड़े मामलों में था वांछित
- किश्तवाड़ मुठभेड़ में एक जवान शहीद, 8 घायल
- इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

विस्तार :
जम्मू-कश्मीर-जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात कमांडर उस्मान को मुठभेड़ में मार गिराया। यह ऑपरेशन 7 तारीख से लगातार चल रहा था और सुरक्षा एजेंसियां आतंकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं।
सुरक्षा बलों के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान हालात ऐसे बन गए थे कि आतंकियों द्वारा नागरिकों को बंधक बनाए जाने का खतरा था, लेकिन जवानों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें उस्मान मारा गया।
2024 से सक्रिय था आतंकी उस्मान
सूत्रों के अनुसार, उस्मान वर्ष 2024 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था। उसके खिलाफ नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमलों से जुड़े 6 गंभीर आतंकी मामले दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वह किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन समय रहते उसे ढेर कर दिया गया।
तीन ठिकाने ध्वस्त, हथियार बरामद
ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकी उस्मान के तीन ठिकानों को नष्ट कर दिया। जांच में सामने आया है कि वह जंगलों और प्राकृतिक गुफाओं का इस्तेमाल छिपने के लिए करता था। कार्रवाई के बाद मौके से M4 राइफल, ग्रेनेड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि बरामद सामान की पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
कई टीमों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
सेना के अधिकारियों के अनुसार, 7 तारीख से इलाके में कई टीमों को तैनात किया गया था। आतंकियों की गतिविधियों के इनपुट मिलने के बाद पूरे क्षेत्र को घेरकर चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया “हमें पुख्ता सूचना मिली थी। हालात चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन जवानों ने साहस दिखाते हुए नागरिकों को सुरक्षित निकाला और आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।”
किश्तवाड़ मुठभेड़ में जवान शहीद
गौरतलब है कि 18 जनवरी को किश्तवाड़ के जंगलों में हुए ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया था, जिसमें 8 जवान घायल हो गए थे। इनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हो गए थे।
आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उस्मान के मारे जाने से जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है, ताकि किसी अन्य आतंकी की मौजूदगी की संभावना को खत्म किया जा सके।
