मराठी भाषा अनिवार्यता और ठाकरे बंधुओं पर भी साधा निशाना, सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर रखी बेबाक राय
Highlights
- केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले रांची पहुंचे
- मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर रखी राय
- नदियों को जोड़ने की योजना को कृषि विकास से जोड़ा
- महाराष्ट्र में मराठी भाषा अनिवार्य करने की मांग पर जताई आपत्ति
- ठाकरे बंधुओं पर परोक्ष हमला, समावेशी सोच की बात कही
विस्तार
रांची : केंद्र की मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले मंगलवार को रांची पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए झारखंड समेत देश की राजनीतिक, सामाजिक और विकास से जुड़ी कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास रहेगा कि देश के हर राज्य में नदियों को आपस में जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने से कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा, सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार होगा। अठावले ने इसे देश के समग्र विकास से जोड़ते हुए कहा कि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग ही भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है।
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी भाषा से प्रेम होता है, लेकिन मुंबई जैसे महानगर में देश के कोने-कोने से लोग रोज़गार के लिए आते हैं, ऐसे में भाषा को लेकर किसी तरह की बाध्यता उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रोजगार और सामाजिक सौहार्द के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में समावेशी सोच जरूरी है। देश की एकता और अखंडता को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों और समुदायों के हित में निर्णय लिए जाने चाहिए।
इसके अलावा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने दलित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी और कहा कि केंद्र सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
