रांची में लापता बच्चों की बरामदगी की मांग को लेकर HEC धुर्वा बंद का व्यापक असर रविवार को साफ दिखाई दिया। शहीद मैदान के पास लगने वाला साप्ताहिक बाज़ार और सब्जी मंडी पूरी तरह से बंद रही। आम दिनों में जहां हजारों की भीड़ रहती है, वहीं आज पूरा इलाका सूना और शांत नज़र आया।
दूर-दराज़ गांवों से आने वाले सब्जी विक्रेताओं ने भी दिया समर्थन
आम तौर पर रामगढ़, खूंटी, ओरमांझी, टुपुदाना समेत कई गांवों से लोग ट्रेन और बस पकड़कर सब्जी बेचने यहां पहुंचते हैं, लेकिन आज सभी विक्रेताओं ने बंदी का समर्थन करते हुए बाजार नहीं लगाया।
दुकानदारों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं
शहीद मैदान और आसपास के सभी छोटे-बड़े दुकानों पर ताले लटके दिखे। दुकानदारों ने कहा— “बच्चे सुरक्षित मिलें, यही हमारी प्रार्थना है… इसलिए हम स्वयं बंद का समर्थन कर रहे हैं।”
पूरे क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
जहां हर रविवार आवाज़, भीड़ और मोलभाव की गूँज रहती थी, वहां आज न खरीदार थे, न दुकानें, न आवाजाही। पूरा इलाका वीरान और शांत दिखा।
लोगों की एक ही मांग — “बच्चों को जल्द खोजा जाए”
HEC, धुर्वा और आसपास के हजारों लोग इस बंदी के समर्थन में एक ही आवाज उठा रहे हैं—
“बच्चे सुरक्षित मिलें, यही न्याय है।”
