Thursday, April 23, 2026
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कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश व जिला अध्यक्षों की अहम बैठक, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर मंथन

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर, अनुसूचित जाति समाज को कांग्रेस से जोड़ने की बनाई गई रणनीति

Highlights :

  • कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेश व जिला अध्यक्षों की बैठक
  • वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की रही मौजूदगी
  • बूथ स्तर तक संगठन निर्माण पर जोर
  • घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनने की योजना
  • आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर विस्तार से चर्चा

विस्तार:

रांची
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की ओर से प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना, पार्टी के विस्तार और आने वाले चुनावों की रणनीति पर मंथन करना रहा।

संगठन सृजन पर विशेष फोकस

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अनुसूचित जाति समाज को कांग्रेस से और अधिक मजबूती से जोड़ा जाए तथा उनकी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं को पार्टी की प्राथमिकता में रखा जाए। नेताओं ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब वह बूथ स्तर तक सक्रिय और प्रभावी होगा।

बूथ स्तर तक बनेगी टीम

बैठक में मौजूद एससी विभाग के पदाधिकारी केदार पासवान ने कहा कि राज्य में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग को मजबूत करने के लिए पूरी गंभीरता के साथ काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया “संगठन सृजन अभियान के तहत हम बूथ स्तर तक टीम बना रहे हैं। बूथ स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। हमारे कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से मिलेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी के माध्यम से समाधान कराने का प्रयास करेंगे।”

चुनावों में दिखेगा असर

वहीं बैठक में मौजूद अनुसूचित विभाग के पदाधिकारी राहुल राज ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई है और इसे पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि “आने वाले चुनावों में संगठन निर्माण का सकारात्मक परिणाम जरूर देखने को मिलेगा।”

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की यह बैठक संगठन को नई धार देने और बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि इससे अनुसूचित जाति समाज के बीच कांग्रेस की स्थिति और सशक्त होगी तथा आगामी चुनावों में इसका लाभ मिलेगा।

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