Sunday, April 26, 2026
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रांची में 15वें समय इंडिया पुस्तक मेले का आगाज, 100 स्टॉल और 50 से ज्यादा प्रकाशक हुए शामिल

जिला स्कूल रांची में शुरू हुआ 15वां समय इंडिया पुस्तक मेला, केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने किया उद्घाटन

Highlights:

  • रांची के जिला स्कूल में 15वें समय इंडिया पुस्तक मेले की शुरुआत
  • मेले में 100 स्टॉल, 50 से अधिक प्रकाशक ले रहे भाग
  • केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और सांसद महुआ मांझी ने किया उद्घाटन
  • रांची में 68 करोड़ की लागत से बन रही आधुनिक लाइब्रेरी
  • किताबें देती हैं सुकून, मोबाइल देता है तनाव: महुआ मांझी

विस्तार :

रांची में साहित्य प्रेमियों के लिए बड़ा आयोजन

रांची। राजधानी रांची के जिला स्कूल परिसर में आज 15वें समय इंडिया पुस्तक मेले की विधिवत शुरुआत हुई। इस पुस्तक मेले में देशभर से आए 50 से अधिक प्रकाशकों ने अपने 100 स्टॉल लगाए हैं। मेले में साहित्य, इतिहास, धर्म, प्रतियोगी परीक्षा, बच्चों की किताबों और उपन्यासों की बड़ी श्रृंखला उपलब्ध है।

केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद ने किया उद्घाटन

पुस्तक मेले का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, लेखक और पुस्तक प्रेमी मौजूद रहे।

“किताब और अखबार पढ़ने की आदत जरूरी” — संजय सेठ

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि “आज के दौर में लोगों को किताब और अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।” उन्होंने जानकारी दी कि रांची में 68 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है, जहां एक साथ 5000 लोग बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। संजय सेठ ने यह भी कहा कि “सरकार को योगी मॉडल अपनाना चाहिए और हर स्कूल-कॉलेज में अखबार पढ़ना अनिवार्य करना चाहिए, ताकि छात्रों में जागरूकता बढ़े।”

“किताबें देती हैं सुकून, मोबाइल देता है तनाव” — महुआ मांझी

राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने अपने संबोधन में कहा कि “हम रामायण, महाभारत, संस्कार और परंपराओं को किताबों के माध्यम से जानते हैं।” उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली और कोलकाता में लोग हैरी पॉटर जैसी किताबों के लिए लाइन लगाते हैं, उसी तरह साहित्य का महत्व हमेशा रहेगा। महुआ मांझी ने कहा “मोबाइल आंखों को थकान और तनाव देता है, जबकि किताबें मन को सुकून देती हैं।”

युवाओं और छात्रों के लिए खास अवसर

पुस्तक मेला छात्रों और युवाओं के लिए ज्ञान बढ़ाने का बड़ा अवसर साबित हो रहा है। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में मेले में और भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। रांची में यह पुस्तक मेला न सिर्फ साहित्य प्रेमियों बल्कि नई पीढ़ी को पढ़ने की संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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