विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद थैलेसीमिया मरीजों में उम्मीद — बच्चों और परिजनों ने कहा, सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने की आस।
Highlights
- अल्बर्ट एका चौक पर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का अनोखा आभार कार्यक्रम
- हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बच्चों ने जताया खुशी
- विधायक प्रदीप यादव ने सदन में थैलेसीमिया मरीजों की चिकित्सा व्यवस्था पर उठाए थे बड़े सवाल
- सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर सदन में हुई थी तीखी बहस
- बच्चों के परिवारों ने कहा—अब इलाज में मिल सकती है राहत
- लोगों के बीच मिठाइयाँ बांटकर खुशी साझा की गई
- कुछ दिन पहले इसी मुद्दे पर प्रदीप यादव और इरफान अंसारी के बीच हुई थी नोकझोंक
- परिजन बोले—पहली बार लगा कि हमारी आवाज सच में सदन तक पहुंची
विस्तार :
आज अल्बर्ट एका चौक के समीप एक मार्मिक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। सैकड़ों थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए विधायक प्रदीप यादव के प्रति आभार प्रकट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने आम लोगों को मिठाइयाँ बांटकर अपने मन की खुशी जाहिर की।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का कहना था कि विधानसभा सदन में प्रदीप यादव द्वारा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलने और थैलेसीमिया मरीजों की समस्याओं को मजबूती से उठाने के बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि अब सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था सुधर सकती है।
परिजनों ने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में थैलेसीमिया बच्चों को रक्त, दवा, परीक्षण और नियमित देखभाल में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस मुद्दे को जिस गंभीरता से सदन में उठाया गया, उससे उम्मीद का नया द्वार खुला है।
ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले सदन में थैलेसीमिया मरीजों के इलाज की खराब व्यवस्था को लेकर विधायक प्रदीप यादव और विधायक इरफान अंसारी के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली थी। वहीं, इस मुद्दे को बार-बार उठाने के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है।
आज के कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उनका कहना था कि- “पहली बार किसी ने हमारी आवाज को सच में सदन तक पहुंचाया है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था बदलेगी।”
