बोकारो स्टील प्लांट में क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ की मीटिंग, कहा—नया श्रम कानून मजदूरों के अधिकार खत्म करेगा
Highlights:
- 44 पुराने कानून खत्म कर 4 नए कोड लागू करना मजदूरों पर हमला
- ठेका व नियमित दोनों श्रमिक गुलामी की ओर धकेले जाएंगे
- बीएसएल में कर्मचारियों को A, B, C ग्रेड में बांटने की तैयारी
- C ग्रेड मिलने पर तत्काल फायर, सुनवाई का कोई मंच नहीं
- राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर आंदोलन का आगाज
विस्तार
कोक-ओवन सुदर्शन कैंटीन में मजदूरों की बड़ी बैठक
आज 27 नवंबर को बोकारो स्टील प्लांट के कोक-ओवन सुदर्शन कैंटीन में क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (हिंद मजदूर सभा) की बड़ी बैठक हुई।
“नया श्रम कानून गुलामी लाएगा” – राजेंद्र सिंह
संघ के महामंत्री व सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा— “नया श्रम कानून मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश है। 44 श्रम कानून समाप्त कर 4 कोड लागू करना मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।” उन्होंने कहा कि भिलाई में मेन पावर कटौती की घोषणा इसी काले कानून की शुरुआत है।
बीएसएल में भी नई व्यवस्था की तैयारी
यूनियन ने बताया कि बोकारो इस्पात प्रबंधन नियमित श्रमिकों को A, B, C ग्रेड में बांटने की तैयारी कर रहा है।
- C ग्रेड मिला → सीधा फायर
- शिकायत का कोई प्लेटफॉर्म नहीं
- स्थाई नौकरियों को “अग्निवीर मॉडल” की तरह समयबद्ध किया जाएगा
संयुक्त मोर्चा के साथ खुले संघर्ष की घोषणा
राजेंद्र सिंह ने बताया कि कल ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा और किसान मोर्चा के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर विरोध की औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। उन्होंने कहा— “अब समय आ गया है कि नियमित व ठेका मजदूर साथ आकर संघर्ष करें, नहीं तो मजदूर वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।”
मीटिंग में शामिल वक्ता
शशिभूषण, जुम्मन खान, आनंद कुमार, हरेराम, दीपक कुमार, नितेश कुमार, अमित यादव, अभय शर्मा समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
