Wednesday, April 29, 2026
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जम्मू-कश्मीर में 131 आतंकी सक्रिय, स्थानीय भर्ती लगभग बंद; व्हाइट कॉलर आतंकियों का नया नेटवर्क बना चुनौती

जम्मू-कश्मीर में स्थानीय युवाओं की आतंकी भर्ती लगभग शून्य, लेकिन पढ़े-लिखे व्हाइट कॉलर आतंकियों का नया मॉड्यूल बढ़ा चिंता

Highlights:

  • जम्मू-कश्मीर में अभी 131 आतंकी सक्रिय, जिनमें 122 पाकिस्तानी और 9 स्थानीय
  • 2025 में अब तक 31 आतंकी ढेर, 2024 में मारे गए थे 61
  • स्थानीय भर्ती लगभग बंद, इस साल केवल 1 स्थानीय युवक आतंकी संगठनों में शामिल
  • ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के अंदर 100+ आतंकवादी ढेर
  • व्हाइट कॉलर टेररिस्ट नेटवर्क बना नई चुनौती
  • 100 से ज्यादा OGW पकड़े गए, नौगाम FIR ने नेटवर्क का खुलासा किया
  • एलओसी पर घुसपैठ बेहद कम, घाटी के अंदर ऑपरेशनों में बड़ी सफलता

विस्तार

131 आतंकी सक्रिय, विदेशी आतंकियों की संख्या सबसे ज्यादा

सरकारी और खुफिया एजेंसियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में फिलहाल 131 आतंकवादी सक्रिय हैं, जिनमें से 122 पाकिस्तानी हैं जबकि सिर्फ 9 स्थानीय कश्मीरी आतंकवादी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह पिछले दशक का सबसे बड़ा बदलाव है, जब स्थानीय युवाओं की भर्ती सबसे कम दर्ज हुई है।

स्थानीय भर्ती लगभग बंद – बड़ी सफलता

2025 में आतंकी संगठनों—लश्कर, जैश और हिज्बुल—ने सिर्फ एक स्थानीय युवक को भर्ती किया, जिसे कुछ दिनों में ही सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया। इससे साफ है कि घाटी में आतंकवाद के प्रति आकर्षण लगभग खत्म हो चुका है।

नया खतरा: व्हाइट कॉलर आतंकवादियों का नेटवर्क

खुफिया इनपुट के अनुसार आतंकी संगठन अब नई रणनीति अपना रहे हैं। वे पारंपरिक कैंपों में भर्ती करने के बजाय-डॉक्टर, इंजीनियर, बिजनेसमैन, शिक्षक, सरकारी अफसर और पढ़े-लिखे युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं। इन्हें ही व्हाइट कॉलर टेररिस्ट कहा जा रहा है क्योंकि यह आम लोगों की तरह दिखते हैं और पकड़े जाना मुश्किल होता है।

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में खोली खलबली

पिछले महीनों में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर प्रहार करते हुए 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन के बाद सैकड़ों OGW (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) गिरफ्तार किए गए। नौगाम पुलिस की एफआईआर ने कई राज्यों में फैले इस नए नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

सुरक्षा बलों के हालिया ऑपरेशनों के नतीजे

  • 2025 में 31 आतंकी ढेर किए गए
  • पहलगाम हमले के बाद 100 दिनों में 12 बड़े आतंकी मार गिराए गए
  • 28 जुलाई: ऑपरेशन महादेव – 3 मुख्य आतंकी ढेर
  • 29 जुलाई: ऑपरेशन शिवशक्ति – 2 आतंकी मारे गए

एलओसी पर शांति, घाटी के अंदर ऑपरेशन सफल

खुफिया रिपोर्टों में पुष्टि हुई है कि एलओसी पर घुसपैठ बेहद कम हो गई है। स्थानीय लोगों का आतंकवादियों को समर्थन भी बहुत कम हो गया है। इसलिए अब ज्यादातर मुठभेड़ और सफल ऑपरेशन घाटी के अंदर ही हो रहे हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—

“स्थानीय भर्ती रुकना और एलओसी पर शांति सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। लेकिन विदेशी आतंकियों और व्हाइट कॉलर नेटवर्क से खतरा अब भी कायम है।”

 

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