Friday, May 1, 2026
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झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा कदम: 2016 शिक्षक भर्ती पर फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन गठित, पारा शिक्षकों को अवसर देने की उठी मांग

धर्मेंद्र तिवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, बोले – 3704 सरेंडर सीटों पर योग्य पारा शिक्षकों को मिले प्राथमिकता

हाइलाइट्स:

  • हाईकोर्ट ने भर्ती गड़बड़ियों पर सरकार और जेएसएससी को लताड़ा
  • 3704 सीटों के सरेंडर को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
  • पारा शिक्षकों को मौका देने की रखी मांग
  • संघ की चुप्पी पर भी उठाए सवाल
  • फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन के गठन की सराहना

विस्तार

झारखंड हाईकोर्ट ने 2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन का गठन किया है। अदालत ने जेएसएससी और सरकार की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की। इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए झारखंड प्रदेश जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है कि प्राथमिक शिक्षकों की 3704 आरक्षित सीटें सरेंडर कर दी गईं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने मांग की कि इन सीटों पर उन पारा शिक्षकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जिन्होंने 2016 की परीक्षा क्वालीफाई की है और वर्षों से प्राथमिक व उच्च विद्यालयों में निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। तिवारी ने सवाल किया कि जब सरकारी शिक्षकों के लिए 25 प्रतिशत सीटें सुरक्षित रखी जा सकती हैं तो पारा शिक्षकों को यह अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा?

उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पारा शिक्षकों के साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ है जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पारा शिक्षक संघ को भी कठघरे में खड़ा किया और पूछा कि संघ ने समय रहते इस मुद्दे को सरकार के सामने क्यों नहीं रखा।

तिवारी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में पारा शिक्षकों का योगदान किसी से छिपा नहीं है। अब न्यायसंगत यही होगा कि रिक्त सीटों को इन्हीं से भरा जाए।

उन्होंने जस्टिस दीपक रोशन की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया और फैक्ट-फाइंडिंग कमीशन के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश डॉ. एस.एन. पाठक से आग्रह किया कि योग्य पारा शिक्षकों को न्याय दिलाने पर गंभीरता से विचार करें।

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