रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिसमें रांची के उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को एक पत्र जारी कर मईया योजना के अयोग्य लाभार्थियों से राशि वसूलने का निर्देश दिया है।बाबूलाल मरांडी ने इस फैसले पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सरकार का यह आदेश महिलाओं के खिलाफ है और पार्टी इसका विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “किसी भी हालत में महिलाओं से योजना की राशि वापस नहीं लौटाने दी जाएगी। सरकार के इस आदेश से महिलाओं में भय और चिंता का माहौल है, जो बिल्कुल गलत है।प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि लाभार्थियों के चयन में कोई गलती हुई है तो उसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को उठानी चाहिए और राशि की वसूली उनके वेतन से की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चयन में त्रुटि है, तो महिलाओं को परेशान करने के बजाय सरकार को उस गलती की जिम्मेदारी स्वयं उठानी चाहिए।
बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सरकार को यह समझना चाहिए कि मईया योजना का उद्देश्य महिलाओं की मदद करना है, न कि उन्हें मानसिक और वित्तीय तनाव देना। महिलाओं को इस तरह से परेशान करना गलत है, और हम इसका विरोध करेंगे।”
इसके साथ ही, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में छात्रों के विरोध पर भी बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का समर्थन जाहिर किया। उन्होंने कहा, “हमारे छात्र साथी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं और हमारी पार्टी छात्रों के आंदोलन को पूरी तरह से समर्थन देती है।”
बाबूलाल मरांडी का यह बयान राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, और यह दिखाता है कि भाजपा महिलाओं और छात्रों के हक की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है
