नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आध्यात्मिक मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आध्यात्मिक सशक्तीकरण ही वास्तविक सशक्तीकरण होता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मूल्य सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। राष्ट्रपति सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रह्मा कुमारी संस्थान द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ और स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तीकरण’ कार्यक्रम के राष्ट्रीय शुभारंभ पर सभा को संबोधित कर रही थीं।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व इतिहास के स्वर्णिम अध्याय और राष्ट्रों का इतिहास सदैव आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित रहे हैं। विश्व इतिहास इस बात का साक्षी है कि आध्यात्मिक मूल्यों की उपेक्षा करके केवल भौतिक प्रगति का मार्ग अपनाना अंततः विनाशकारी सिद्ध हुआ है। स्वस्थ मानसिकता के आधार पर ही समग्र कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा स्वस्थ व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों आयामों को पूरा करता है। ऐसे व्यक्ति ही एक स्वस्थ समाज, राष्ट्र एवं विश्व समुदाय का निर्माण करते हैं।
