Tuesday, March 3, 2026
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मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कुमहार का अस्तित्व खतरे में

बोकारो मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार दुखन  प्रजापति ने बताया कि एक समय था की 25 से 30000 हजार दिया बेच दिया करते थे लेकिन मुश्किल से अभी 3000 दिए ही बिकते हैं इसका कारण यह है कि लोग चाइनीज लाइट तथा मोमबत्तियां का इस्तेमाल करने लगे हैं। जिसके कारण हम लोगों का धंधा चौपट होते चला गया और आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई।

इन्होने बताया कि सरकार की ओर से  नौकरी करने वाले बिजनेस करने वाले लोगों को लोन तथा अन्य प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराती है सरकार परंतु हम जैसे कुम्हार को किसी का कोई सहयोग नहीं प्राप्त होता है जिसके कारण दिन प्रतिदिन हम लोगों के मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है अगर सरकार इन चाइनीज लाइट तथा मोमबत्तियां पर रोक नहीं लगाती है तो एक ऐसा समय आएगा कि हम लोग समाप्त हो जाएंगे।

बाल बच्चों को इस धंधे से दूर रखना उचित समझ रहे हैं क्योंकि जिस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुई है इससे रोजी-रोटी नहीं चलने वाला अगर सरकार इसका शुध नहीं लेती है तो आने वाला दिन हम लोगों को बेरोजगार हो जाना होगा यह कहना है चंद्रपुरा प्रखंड के पटना गैरेज में रहने वाले दुखन  प्रजापति का।

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