रांची : राज्य में लोकसभा चुनाव ड्यूटी में लगने वाली गाड़ियों की जीपीएस से मॉनिटरिंग की जायेगी। चुनाव आयोग ने इसके लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। इसके तहत झारखंड में लोकसभा चुनाव के दरम्यान बूथ से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक जाने वाली ईवीएम और निर्वाचनकर्मियों के मूवमेंट पर नजर रखी जायेगी। राज्य में पहली बार जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए निगरानी रखने की तैयारी में जुटे चुनाव आयोग का मानना है कि इससे चुनाव में पारदर्शिता आयेगी। गाड़ियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर चुनाव आयोग कार्यालय में विशेष टीम बनाई गई है, जहां ऑनलाइन माध्यम से नजर रखी जायेगी।
चुनाव ड्यूटी में लगनेवाली निजी गाड़ियों के किराए में होने वाली गड़बड़ी पर रोकथाम के लिए आयोग ने वाहन मैनेजमेंट सिस्टम नाम से ऐप लाया है, जिसके माध्यम से चुनाव ड्यूटी में लगने वाली गाड़ियों के समय, तारीख, किलोमीटर, सेवा अवधि और भुगतान जैसी तमाम चीजें चुनाव आयोग के डैशबोर्ड पर डिस्प्ले करती रहेंगी। इसके प्रयोग में होने से गाड़ी मालिक के किराया भुगतान संबंधी शिकायत काफी हद तक दूर होने की संभावना है।
इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि गाड़ी मालिक की आमतौर पर भुगतान को लेकर शिकायत रहती थी, जिसे इसके माध्यम से दूर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में लगी गाड़ी खासकर ईवीएम को लेकर बूथ और स्ट्रॉन्ग रूम तक जाने वाली गाड़ी जीपीएस युक्त होंगे, जिसके हर गतिविधियों पर आयोग की नजर होगी। इसपर करीब एक करोड़ खर्च होने की संभावना है।
