नई दिल्ली : भारतीय आर्थिक सेवा (2022 और 2023 बैच) के प्रोबेशनर्स के एक समूह ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश के विकास में आर्थिक वृद्धि एक महत्वपूर्ण घटक है। मैक्रो और माइक्रो आर्थिक संकेतक प्रगति के उपयोगी मानक माने जाते हैं, इसलिए सरकारी नीतियों और योजनाओं को प्रभावी और उपयोगी बनाने में अर्थशास्त्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चूंकि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, इसलिए आने वाले समय में उन्हें अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और उनका पूरा उपयोग करने के अनगिनत अवसर मिलेंगे। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि वे इन अवसरों का समुचित लाभ उठाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक सेवा अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे आर्थिक विश्लेषण और विकास कार्यक्रमों के डिजाइन के साथ-साथ संसाधन वितरण प्रणाली को मजबूत करने और योजनाओं के मूल्यांकन के लिए उचित सलाह प्रदान करें। यह बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, क्योंकि उनके द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर ही नीतियां तय की जाएंगी।
