CPI (माओवादी) के शीर्ष नेता ‘किशन दा’ की मौत, 2021 में हुई थी गिरफ्तारी; संगठन में अहम भूमिका
Highlights:
👉 नक्सली नेता प्रशांत बोस का निधन
👉 रांची जेल में थे बंद, तबीयत बिगड़ने पर RIMS में भर्ती
👉 सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान मौत
👉 CPI (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य थे
👉 2021 में सरायकेला से हुई थी गिरफ्तारी
विस्तार:
इलाज के दौरान हुई मौत
वरिष्ठ नक्सली नेता प्रशांत बोस उर्फ “किशन दा” का निधन हो गया है। वे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद थे। शुक्रवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रिम्स (RIMS) अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान करीब 10 बजे उनकी मौत हो गई।
संगठन के शीर्ष नेता थे
प्रशांत बोस प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य थे और उन्हें संगठन के शीर्ष नेताओं में गिना जाता था। वे महासचिव नंबाला केशव राव के बाद दूसरे सबसे बड़े नेता माने जाते थे।
रणनीतिक भूमिका में रहे सक्रिय
वे पार्टी की केंद्रीय समिति और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो के प्रमुख रणनीतिकार रहे हैं। झारखंड समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों को संचालित करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी।
2021 में हुई थी गिरफ्तारी
झारखंड पुलिस ने 12 नवंबर 2021 को उन्हें सरायकेला-खरसावां जिले से गिरफ्तार किया था। उस समय उनकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता माना गया था।
एक करोड़ का था इनाम
प्रशांत बोस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी को भी गिरफ्तार किया गया था, जो खुद CPI-माओवादी की केंद्रीय समिति की सदस्य हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं।
झारखंड में बड़ा नाम
करीब 80 वर्ष से अधिक उम्र के प्रशांत बोस झारखंड में सक्रिय सबसे बड़े माओवादी नेताओं में शामिल थे। उनके निधन को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कुल मिलाकर, प्रशांत बोस की मौत नक्सल आंदोलन के एक महत्वपूर्ण अध्याय के अंत के रूप में देखी जा रही है।
