प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक ने जांच प्रक्रिया और पुलिस की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल
Highlights:
👉 अंबा प्रसाद ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल
👉 प्रेस विज्ञप्ति को बताया “मनगढ़ंत कहानी”
👉 डीजीपी से जांच में बदलाव पर जवाब मांगा
👉 आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल
👉 मामले की CBI जांच की मांग

विस्तार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस पर निशाना
राजधानी रांची के करम टोली स्थित प्रेस क्लब सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
जांच को बताया संदिग्ध
अंबा प्रसाद ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर हंसी आती है और जांच के कई अहम बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में “मनगढ़ंत कहानी” पेश की गई है।
डीजीपी पर भी साधा निशाना
उन्होंने झारखंड के डीजीपी से सवाल करते हुए पूछा कि केस से जुड़े बयानों में बदलाव क्यों किया गया। साथ ही धनेश्वर पासवान और भीमराव जैसे नामों की भूमिका स्पष्ट नहीं किए जाने पर भी सवाल खड़े किए।
राजनीतिक कनेक्शन का दावा
अंबा प्रसाद ने दावा किया कि भीमराव का संबंध बीजेपी से है और इसे लेकर उन्होंने कुछ तस्वीरें भी मीडिया के सामने प्रस्तुत कीं, जिनमें उनके बीजेपी कार्यक्रमों में शामिल होने का दावा किया गया।
गिरफ्तारी में देरी पर सवाल
उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी का गठन होने के बावजूद ठोस सबूत सामने नहीं आए। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस 10 दिन बाद सक्रिय क्यों हुई, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे थे।
डीएनए टेस्ट नहीं कराने का आरोप
अंबा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में डीएनए टेस्ट नहीं कराया गया, जिसके आधार पर दुष्कर्म के आरोपों को खारिज कर दिया गया।
CBI जांच की मांग
अंत में उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की और कहा कि पूरे सिस्टम ने मिलकर पीड़िता के साथ अन्याय किया है।
कुल मिलाकर, इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
