Tuesday, March 31, 2026
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संगठन सृजन पर कांग्रेस का फोकस, ग्रामसभा अधिकार से लेकर कानून व्यवस्था तक उठाए मुद्दे

 रांची में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कोल्हान प्रशिक्षण शिविर और नरेगा समेत कई मुद्दों पर रखी बात

Highlights:

 👉 संगठन सृजन कार्यक्रम पर कांग्रेस का जोर
👉 कोल्हान में हुए प्रशिक्षण शिविर की दी जानकारी
👉 PESA के तहत ग्रामसभा अधिकारों को पहुंचाने की बात
👉 नरेगा में केंद्र की नीतियों की आलोचना
👉 हजारीबाग और खूंटी घटनाओं पर प्रशासन को घेरा
👉 असम चुनाव को लेकर JMM-कांग्रेस संबंधों पर बयान

विस्तार:

रांची में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस
राजधानी रांची के एक निजी होटल सभागार में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें झारखंड प्रभारी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि, सह प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

संगठन सृजन कार्यक्रम पर चर्चा
प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मुद्दा संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत कोल्हान प्रमंडल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला रहा। नेताओं ने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।

ग्रामसभा अधिकारों पर फोकस
झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि कांग्रेस PESA नियमावली के तहत ग्रामसभा के अधिकारों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करेगी। इसके साथ ही उन्होंने नरेगा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलावों की कमियों को उजागर करने की बात कही।

कानून व्यवस्था पर हमला
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने हजारीबाग में दुष्कर्म की घटना और खूंटी के मुर्मू में रामनवमी के दिन हुई घटना को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

असम चुनाव का असर
प्रभारी के. राजू ने कहा कि हाल के असम चुनाव का असर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संबंधों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि असम में कांग्रेस पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए पार्टी ने टी ट्राइब्स के लिए किए गए अपने कार्यों को सामने रखा है।

राजनीतिक रणनीति का संकेत
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कांग्रेस ने संगठन विस्तार, ग्रामीण अधिकार, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट की है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस ने इस मंच से संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ सरकार और केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाने का संदेश दिया है।

 

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