जल गुणवत्ता निगरानी और रियल टाइम डेटा सिस्टम पर उठे सवाल, केंद्रीय मंत्री से मांगी विस्तृत जानकारी
Highlights:
👉 राज्यसभा में झारखंड के पेयजल गुणवत्ता का मुद्दा उठा
👉 सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने पूछा सवाल
👉 MIS और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर मांगी जानकारी
👉 ग्राम स्तर पर फील्ड टेस्टिंग सिस्टम की प्रभावशीलता पर सवाल
👉 सुरक्षित पेयजल को लेकर सरकार से जवाब तलब

विस्तार
संसद में उठा अहम मुद्दा
राज्यसभा में सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने झारखंड में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाया। उन्होंने पूरक प्रश्नों के माध्यम से केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली की स्थिति पर जवाब मांगा।
MIS और मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल
डॉ. वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार Drinking Water Quality Monitoring Framework के तहत लागू Management Information System (MIS) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग और जल गुणवत्ता प्रबंधन की प्रभावशीलता के बारे में जानकारी मांगी।
ग्राम स्तर पर फील्ड टेस्टिंग पर फोकस
सांसद ने यह भी पूछा कि ग्राम स्तर पर विकसित फील्ड टेस्टिंग सिस्टम कितना कारगर साबित हो रहा है और इससे आम लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में कितना लाभ मिल रहा है।
जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा
यह मुद्दा सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। डॉ. वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत एवं पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
सरकार से अपेक्षित जवाब
इस प्रश्न के माध्यम से केंद्र सरकार से यह अपेक्षा की गई है कि वह जल गुणवत्ता सुधार और निगरानी के लिए उठाए जा रहे कदमों की स्पष्ट जानकारी दे, ताकि आम जनता को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
कुल मिलाकर, यह मुद्दा झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में जल गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य से जुड़े बड़े सवालों को सामने लाता है।
