Saturday, March 28, 2026
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झारखंड में 5.40 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस, SBI के पूर्व मैनेजर और पत्नी पर ED का शिकंजा

 रांची की विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दर्ज, साहिबगंज-पटना की संपत्तियां अटैच

Highlights:

👉 SBI के पूर्व शाखा प्रबंधक और पत्नी के खिलाफ ED की कार्रवाई
👉 5.40 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
👉 2013–2020 के बीच कई शाखाओं में हुई गड़बड़ी
👉 98 लाख रुपये की संपत्ति अटैच
👉 परिवार और फर्जी खातों के जरिए रकम घुमाने का आरोप

विस्तार:

झारखंड में मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कार्रवाई करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की है। यह शिकायत 26 मार्च को रांची स्थित विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में दाखिल की गई।

क्या है पूरा मामला:
ईडी की यह कार्रवाई सीबीआई और दुमका के शिकारीपाड़ा थाना में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद सामने आई है। आरोप है कि मनोज कुमार ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े अपराध किए।

कई शाखाओं में गड़बड़ी:
जांच में खुलासा हुआ है कि मनोज कुमार ने 2013 से 2020 के बीच एसबीआई की फूलबंगा, साहिबगंज, पीबीबी साहिबगंज, बरहेट बाजार और शिकारीपाड़ा शाखाओं में पदस्थापना के दौरान सुनियोजित तरीके से वित्तीय गड़बड़ी की।

👉 सैकड़ों खातों में अनधिकृत लेन-देन
👉 करीब 5.40 करोड़ रुपये की अवैध कमाई
👉 बैंक को भारी वित्तीय नुकसान

पैसे को वैध दिखाने की साजिश:
ईडी के अनुसार, आरोपी ने अवैध धन को छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और फर्जी संस्थाओं के खातों का इस्तेमाल किया। बाद में इस रकम को अचल संपत्तियों में निवेश कर उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले में उनकी पत्नी नीतू कुमारी की भूमिका भी सामने आई है, जिनके बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की गई।

बरामदगी और अटैचमेंट:

जांच के दौरान एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। तलाशी अभियान में सीबीआई को 10 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जबकि ईडी ने करीब 98 लाख रुपये की संपत्ति अटैच की है। अटैच की गई संपत्तियों में साहिबगंज में नीतू कुमारी के नाम पर बना मकान और पटना में मनोज कुमार के नाम पर स्थित फ्लैट शामिल हैं, जो मामले में अवैध संपत्ति के संकेत देते हैं।

जांच जारी:

फिलहाल ईडी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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