Wednesday, March 25, 2026
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LPG Gas Booking New Rules: अब सिलेंडर बुकिंग के लिए करना होगा ज्यादा इंतजार

नई व्यवस्था लागू, अलग-अलग उपभोक्ताओं के लिए तय किया गया बुकिंग गैप

Highlights:

👉 LPG सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव
👉 अब तय अंतराल के बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग
👉 एक, डबल और उज्ज्वला कनेक्शन के लिए अलग-अलग समय सीमा
👉 तय समय से पहले बुकिंग नहीं होगी स्वीकार
👉 कालाबाजारी रोकने और सप्लाई सुधारने के लिए कदम

विस्तार:

घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में संशोधन करते हुए अब बुकिंग के बीच का समय बढ़ा दिया है। इस फैसले का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

Indian Oil समेत अन्य तेल कंपनियों ने नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनके तहत अब हर उपभोक्ता को तय अंतराल के बाद ही अगली बुकिंग करने की अनुमति होगी।

कितना बढ़ा बुकिंग का समय:
नए नियमों के अनुसार अलग-अलग कनेक्शन पर अलग समय सीमा तय की गई है। एक सिलेंडर वाले उपभोक्ता अब 25 दिन बाद ही बुकिंग कर सकेंगे, जबकि डबल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 35 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह अवधि 45 दिन तय की गई है।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी नियम लागू:
सिर्फ घरेलू सिलेंडर ही नहीं, छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा लागू की गई है। 5 किलो सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन का गैप तय किया गया है। खास बात यह है कि यह समय बुकिंग की तारीख से नहीं, बल्कि डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा।

तय समय से पहले बुकिंग नहीं होगी:
अगर कोई उपभोक्ता निर्धारित समय से पहले गैस बुक करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। उसे तय समय पूरा होने का इंतजार करना होगा। इससे फर्जी बुकिंग और स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

क्यों किया गया बदलाव:
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि यह फैसला गैस की कालाबाजारी रोकने, सप्लाई सिस्टम को बेहतर तरीके से मैनेज करने और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।

उपभोक्ताओं पर असर:
इन नए नियमों का असर खासकर शहरों में रहने वाले डबल सिलेंडर उपभोक्ताओं और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबे समय में इसे पारदर्शिता और बेहतर वितरण के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

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