NCB ने CID को भेजा अलर्ट, चतरा-खूंटी समेत कई जिलों में अवैध खेती के पुख्ता संकेत
Highlights:
👉 सैटेलाइट इमेज में अफीम की अवैध खेती का खुलासा
👉 NCB ने झारखंड CID को भेजा अलर्ट
👉 चतरा, खूंटी, हजारीबाग समेत कई जिले प्रभावित
👉 चिन्हित इलाकों में जल्द होगी कार्रवाई
👉 तस्करों के सक्रिय नेटवर्क की पुष्टि

विस्तार:
झारखंड में अफीम उन्मूलन अभियान के बावजूद अवैध खेती का मामला फिर सामने आया है। सैटेलाइट इमेज के जरिए खुलासा हुआ है कि राज्य के कई जिलों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है और कई जगहों पर फसल तैयार होने की स्थिति में है।
यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जुटाई है, जिसने पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य की एजेंसियों को भेज दी है।
CID को भेजा गया अलर्ट:
NCB ने सैटेलाइट तस्वीरों के साथ झारखंड CID को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसमें चिन्हित स्थानों का ग्राउंड वेरिफिकेशन करने, अवैध फसल को नष्ट करने और पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट NCB को सौंपने को कहा गया है।
सैटेलाइट इमेज में क्या मिला:
NCB के अनुसार, ये तस्वीरें तकनीकी माध्यम से नई दिल्ली से जुटाई गई हैं। इनमें अक्षांश-देशांतर के साथ सटीक लोकेशन चिन्हित की गई है और कई इलाकों में अफीम की खेती साफ दिखाई दे रही है। यह डेटा ZIP फाइल के रूप में संबंधित एजेंसियों को भेजा गया है, ताकि मौके पर कार्रवाई की जा सके।
किन जिलों में सबसे ज्यादा खेती:
सैटेलाइट डेटा के अनुसार झारखंड के कई जिलों में अवैध खेती जारी है। चतरा में सबसे ज्यादा 10 स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा खूंटी में 4, हजारीबाग में 3, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम में 2-2 स्थान, जबकि रांची और पतरातू में 1-1 स्थान पर अफीम की खेती के संकेत मिले हैं।
अभियान के बावजूद चुनौती बरकरार:
राज्य में पहले भी अफीम उन्मूलन के लिए अभियान चलाए गए थे, लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर खेती जारी रखे हुए हैं। दुर्गम और जंगल क्षेत्रों में छिपकर खेती की जा रही है, जिससे पूरी तरह नियंत्रण करना चुनौती बना हुआ है।
अब होगी बड़ी कार्रवाई:
NCB के अलर्ट के बाद अब राज्य की एजेंसियां चिन्हित इलाकों में छापेमारी करेंगी, अवैध फसल को नष्ट करेंगी और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह साफ संकेत है कि अफीम के खिलाफ अभियान को और तेज करने की जरूरत है।
