स्टेट ऑफ होर्मुज में फंसे ‘अवाना’ शिप के कैप्टन की हार्ट अटैक से मौत, परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
Highlights
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‘अवाना’ शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47) का निधन
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स्टेट ऑफ होर्मुज में युद्ध के कारण समुद्र में फंसा था जहाज
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तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर एयर एंबुलेंस नहीं मिल सकी
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दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया शव
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रांची के अरगोड़ा में रहता है परिवार, बिहार के नालंदा के मूल निवासी
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परिवार ने पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांगी
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। रांची में रहने वाले ‘अवाना’ शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47) का दुबई में निधन हो गया है, लेकिन ईद और युद्धजनित परिस्थितियों के कारण उनका पार्थिव शरीर अब तक भारत नहीं लाया जा सका है। जानकारी के अनुसार, उनका शव दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है।
बताया जा रहा है कि जहाज स्टेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र से तेल लेकर भारत लौट रहा था, लेकिन क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण शिप को समुद्र में ही लंगर डालकर रुकना पड़ा। इसी दौरान 18 मार्च को कैप्टन राकेश रंजन सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जहाज से दुबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल से एयर एंबुलेंस की मांग की गई, लेकिन युद्ध की स्थिति के कारण अनुमति नहीं मिल सकी। बाद में उन्हें बोट के जरिए तट तक लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
कैप्टन सिंह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले थे, जबकि उनका परिवार रांची के अरगोड़ा इलाके में रहता है। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं—एक बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा स्कूली छात्र है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द पार्थिव शरीर को भारत लाने में मदद की जाए। बताया जा रहा है कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, लेकिन ईद की छुट्टियों और क्षेत्रीय हालात के कारण देरी हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पार्थिव शरीर जल्द ही पटना लाया जाएगा, जहां से अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया जाएगा।

