चैत्र नवरात्रि के पहले दिन पवित्र स्नान और सूर्य अर्घ्य के साथ विक्रम संवत 2083 का स्वागत
Highlights:
- चतरा के कठौतिया तालाब में हिंदू नववर्ष पर उमड़ी भारी भीड़
- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान
- सूर्य को अर्घ्य देकर नए वर्ष की कामना
- प्रजापति स्वयंसेवक संघ ने भारतीय परंपराओं का दिया संदेश
- विक्रम संवत 2083 के स्वागत में भक्तिमय माहौल

विस्तार
हिंदू नववर्ष का भव्य स्वागत
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन चतरा में हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 का भव्य आगाज़ हुआ। इस अवसर पर शहर के प्रसिद्ध कठौतिया तालाब में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने पवित्र स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और नए वर्ष की सुख-समृद्धि की कामना की।
तालाब परिसर में भक्तिमय माहौल
बुधवार को कठौतिया तालाब का नजारा पूरी तरह भक्तिमय रहा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्नान और पूजा-अर्चना की। पूरे परिसर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
भारतीय परंपराओं का दिया संदेश
इस दौरान प्रजापति स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। संघ के सदस्य इन्द्रों प्रजापति ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, जो वैज्ञानिक और प्राकृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से भारतीय परंपराओं को अपनाने की अपील की।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का संकल्प
मौके पर मनोज कुमार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों को भारतीय पंचांग और संस्कृति के महत्व से अवगत कराएंगे, ताकि परंपराओं को आगे बढ़ाया जा सके।
श्रद्धालुओं ने दी नववर्ष की शुभकामनाएं
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। चतरा में इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता के बीच भी सनातन परंपराएं आज भी मजबूत और जीवंत हैं।
