एनटीपीसी टंडवा से फ्लाई ऐश लेकर जा रहा हाइवा खतरनाक मोड़ पर पलटा, तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
Highlights:
- चतरा की संघरी घाटी में हाइवा पलटने से चालक की मौके पर मौत
- मृतक की पहचान गिरिडीह के बिरनी थाना क्षेत्र के राजेंद्र कुमार राय के रूप में
- 24 घंटे के भीतर घाटी में दूसरा बड़ा हादसा
- दो बेटियां और एक माह का दुधमुंहा बेटा छोड़ गए मृतक
- मृतक के भाई ने सरकार से मुआवजे की लगाई गुहार

विस्तार
संघरी घाटी में फिर हुआ दर्दनाक हादसा
चतरा जिले की संघरी घाटी एक बार फिर बड़े हादसे की गवाह बनी। शनिवार तड़के एनटीपीसी टंडवा से फ्लाई ऐश लादकर प्रतापपुर जा रहा एक हाइवा खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लगातार हो रहे हादसों के कारण यह घाटी अब लोगों के बीच ‘मौत की घाटी’ के नाम से चर्चित होती जा रही है।
गिरिडीह के चालक की मौके पर मौत
मृतक की पहचान गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी 29 वर्षीय राजेंद्र कुमार राय (पिता – सुखलाल रॉय) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हाइवा लेकर घाटी पार कर रहे थे, तभी वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
राजेंद्र कुमार राय अपने पीछे एक भरा-पूरा लेकिन अब बेसहारा परिवार छोड़ गए हैं। उनके दो छोटी बेटियां और महज एक महीने का दुधमुंहा बेटा है। इस हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में भी शोक की लहर है।
मुआवजे की मांग
मृतक के बड़े भाई राजू कुमार राय ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके भाई की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि इन तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब कौन उठाएगा।
विधानसभा में उठ चुका है घाटी का मुद्दा
गौरतलब है कि बीते दिन ही चतरा के विधायक जनार्दन पासवान ने विधानसभा में इस ‘खूनी घाटी’ का मुद्दा उठाया था। बावजूद इसके एक और हादसा हो जाने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया है।
पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए
घटना की सूचना मिलते ही चतरा सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद शव को वाहन के केबिन से बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि संघरी घाटी का यह खतरनाक मोड़ लगातार हादसों का कारण बन रहा है। यदि प्रशासन जल्द ही यहां सुरक्षा व्यवस्था और सड़क सुधार की दिशा में कदम नहीं उठाता, तो भविष्य में और भी कई लोगों की जान जा सकती है।
