सघरी घाटी के खतरनाक मोड़ पर हादसा, कई की हालत गंभीर; पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया रेस्क्यू अभियान
Highlights
- चतरा-डोभी मुख्य मार्ग पर सघरी घाटी में हादसा
- रायगढ़ से गया जा रही बस अनियंत्रित होकर पलटी
- करीब एक दर्जन यात्री घायल, एक की हालत गंभीर
- स्थानीय लोगों और पुलिस ने किया रेस्क्यू
- तकनीकी खराबी या लापरवाही – जांच शुरू
विस्तार
चतरा जिले से एक बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आई है। चतरा-डोभी मुख्य मार्ग स्थित सघरी घाटी में यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि रायगढ़ से गया की ओर जा रही ‘बदन बस’ जैसे ही भुईयांडीह-जोरी के बीच स्थित घाटी के खतरनाक मोड़ पर पहुंची, चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस पलट गई।
तुरंत शुरू हुआ राहत-बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान तेज किया।
घायलों को एंबुलेंस की मदद से चतरा सदर अस्पताल भेजा गया।
- लगभग आधा दर्जन यात्रियों को चतरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- एक यात्री की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है।
घायलों की पहचान
घायलों में शामिल हैं:
- राकेश कुमार (जहानाबाद)
- रंधीर कुमार (वजीरगंज, गया)
- संजीत कुमार (डुमरिया)
- सुजीत कुमार (चतरा)
- कमलेश कुमार (बगरा)
- अमृत कुमार (जोरी)
अन्य घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
लंबा रूट तय करती है बस
जानकारी के अनुसार यह बस डुमरिया से दोपहर 1:30 बजे खुलती है और रानीगंज, शेरघाटी, डोभी तथा चतरा होते हुए लंबा सफर तय करती है। सघरी घाटी का यह इलाका पहले भी दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है।
हादसे की वजह क्या?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि
- या तो बस में तकनीकी खराबी आई
- या चालक ने खतरनाक मोड़ पर नियंत्रण खो दिया
क्रेन की मदद से बस को सीधा करने का प्रयास जारी है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार, घाटी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने यात्रियों के परिजनों को सूचना दे दी है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सघरी घाटी जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएं।
