2 मार्च की रात होगा होलिका दहन, रंगों की होली 4 मार्च को मनाने की सलाह
विस्तार
हिंदू पंचांग के अनुसार, होली का त्योहार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को मनाया जाता है और उससे एक दिन पहले फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है।
इस बार लोगों के बीच असमंजस है कि होलिका दहन 2 मार्च को होगा या 3 मार्च को, और रंगों की होली किस दिन खेली जाएगी।
कब होगा होलिका दहन?
- पूर्णिमा तिथि शुरू: 2 मार्च शाम लगभग 5:45/5:56 बजे
- पूर्णिमा समाप्त: 3 मार्च शाम करीब 5 बजे
- शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन प्रदोष काल, पूर्णिमा तिथि और भद्रा रहित समय में किया जाता है।
पंचांगों के अनुसार 2 मार्च की रात होलिका दहन करना शुभ रहेगा।
3 मार्च को चंद्रग्रहण
- ग्रहण शुरू: दोपहर 3:21 बजे
- ग्रहण समाप्त: शाम 6:47 बजे
- भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक मान्य होगा
- सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले, यानी सुबह 6:21 बजे से शुरू होगा
रंगों की होली कब?
चूंकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक का प्रभाव रहेगा, इसलिए:
- 3 मार्च को रंग-गुलाल खेलना शुभ नहीं माना जा रहा
- शाम को ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा
- 4 मार्च को धुलंडी (रंगों की होली) मनाई जाएगी
कई ज्योतिषाचार्यों और पंचांगों के अनुसार ग्रहण और सूतक को देखते हुए 4 मार्च को रंगों की होली मनाना उचित रहेगा।
इस बार विशेष संयोग
इस वर्ष होली पर दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है-पूर्णिमा और चंद्रग्रहण एक साथ पड़ रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में:
- शुभ कार्य वर्जित होते हैं
- मंत्र जप, दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है
निष्कर्ष:
- होलिका दहन – 2 मार्च
- रंगों की होली – 4 मार्च

