Sunday, March 1, 2026
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मिडिल ईस्ट में जंग का बिगुल? ईरान के हमलों के बाद ट्रंप की चेतावनी – ‘रेड लाइन पार की’

खामेनेई की मौत के बाद ईरान का बड़े हमले का दावा; ट्रंप बोले – “ऐसी चोट देंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई”

Highlights

  • IRGC के हवाले से अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले का दावा 
  • खामेनेई की मौत के बाद 40 दिन के शोक की घोषणा 
  • ट्रंप की चेतावनी – “रेड लाइन पार की” 
  • UN में अमेरिका का आरोप – ट्रंप की हत्या की कोशिश
  • खाड़ी देशों की दिशा में भी मिसाइल दागने की खबर


विस्तार

मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान इंटरनेशनल मीडिया ने IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के हवाले से दावा किया है कि ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली अड्डों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हालांकि, इन हमलों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

खामेनेई की मौत के बाद उबाल

ईरान की सरकारी मीडिया ने सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही देश में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत की पुष्टि के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू करने का दावा किया। ईरान ने बयान जारी कर कहा है “अमेरिका के सरेंडर करने तक संघर्ष जारी रहेगा।”

ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया

हमलों के दावों के बाद अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा “ईरान ने हमारी रेड लाइन पार कर ली है। अगर उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया, तो हम ऐसी चोट देंगे, जो पहले कभी नहीं देखी गई।” ट्रंप ने यह भी कहा कि खामेनेई की मौत के बाद अब ईरान के साथ बातचीत “आसान” हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का आरोप

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वाल्ट्ज ने दावा किया कि ईरान ने ट्रंप की सीधे और प्रॉक्सी के जरिए हत्या करने की कोशिश की थी। अमेरिका का आरोप है कि ईरान खुद को पीड़ित दिखाकर आक्रामक कार्रवाई को उचित ठहराने की कोशिश कर रहा है।

खाड़ी देशों तक तनाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इजरायल के अलावा—

  • सऊदी अरब
  • कतर
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • ओमान
  • कुवैत

की दिशा में भी मिसाइलें दागने का दावा किया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित देशों की ओर से नहीं हुई है।

स्थिति बेहद संवेदनशील

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और आधिकारिक पुष्टियों का इंतजार किया जा रहा है।

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