ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में ली अंतिम सांस; गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा था इलाज
Highlights
- रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का निधन
- स्टेज-4 लिवर कैंसर से थे पीड़ित
- ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में चल रहा था इलाज
- वेंटिलेटर सपोर्ट और रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी पर थे
- पिता की तबीयत बिगड़ने पर टीम से लौटे थे रिंकू
विस्तार
नई दिल्ली/अलीगढ़। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का निधन हो गया है। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती थे। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, वे स्टेज-4 लिवर कैंसर से पीड़ित थे। हाल के दिनों में उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की लगातार निगरानी और उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने अंतिम सांस ली।
वेंटिलेटर सपोर्ट पर चल रहा था इलाज
खचंद्र सिंह पिछले कई दिनों से मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी भी दी जा रही थी।अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई थी। बीमारी की गंभीरता की जानकारी मिलते ही रिंकू सिंह राष्ट्रीय टीम का साथ छोड़कर तुरंत नोएडा अपने परिवार के पास पहुंच गए थे।
प्रैक्टिस सेशन से भी रहे दूर
24 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम इंडिया का अभ्यास सत्र था, लेकिन रिंकू सिंह उसमें शामिल नहीं हुए। वे अपने पिता से मिलने के लिए घर लौट गए थे और परिवार के साथ समय बिता रहे थे।
हालिया क्रिकेट करियर
28 वर्षीय रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के निवासी हैं और हाल के वर्षों में भारतीय टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में वे ग्रुप स्टेज के मुकाबलों में टीम का हिस्सा रहे। सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी। हालांकि टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वे टीम से दोबारा जुड़े, लेकिन उस मुकाबले में उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला।
खेल जगत ने जताई संवेदना
इस दुखद घटना के बाद क्रिकेट जगत और प्रशंसकों ने रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत और संबल देने की कामना कर रहे हैं।

