Wednesday, February 25, 2026
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पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन का हिमाचल में निधन, परिवार में शोक की लहर

कुल्लू-मनाली घूमने गए थे दोस्तों के साथ; अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत, आधिकारिक कारणों की पुष्टि बाकी

Highlights

  • पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन का निधन
  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली क्षेत्र में बिगड़ी तबीयत
  • अस्पताल ले जाने से पहले तोड़ा दम
  • मौत के कारणों पर आधिकारिक बयान का इंतजार
  • झिलिंगगोड़ा गांव में शोक, पारंपरिक कार्यक्रम स्थगित 

विस्तार

रांची/कुल्लू। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के परिवार से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। उनके 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन का हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, वीर सोरेन बाहर रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे थे। मंगलवार को वे अपने मित्रों के साथ कुल्लू-मनाली क्षेत्र घूमने गए थे।

बर्फबारी के बीच बिगड़ी तबीयत

बताया जा रहा है कि बर्फबारी के बीच स्केटिंग और अन्य गतिविधियों के बाद जब वे होटल लौटे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया में जुटा है।

 

आधिकारिक बयान का इंतजार

मौत के कारणों को लेकर परिवार और प्रशासन की ओर से विस्तृत बयान की प्रतीक्षा की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

परिवार और गांव में शोक

घटना की जानकारी मिलते ही सोरेन परिवार में गहरा शोक छा गया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन अपने पुत्रों के साथ देर रात रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुए, जहां से वे कुल्लू पहुंचेंगे। उनके पैतृक गांव झिलिंगगोड़ा सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। गांव में चल रहे पारंपरिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है।

परिवार का संदेश

परिवार की ओर से जारी संदेश में कहा गया “अत्यंत दुःख के साथ सूचित करते हैं कि हमारे प्रिय वीर सोरेन का 24 फरवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया। हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वीर के जाने से हमारा परिवार गहरे सदमे में है।”

शोक संवेदनाएं

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से शोक संदेश आने शुरू हो गए हैं। वीर सोरेन के असामयिक निधन से न केवल सोरेन परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

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