Saturday, June 20, 2026
Homeखबर स्तम्भ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी का बड़ा खुलासा, भारत...

₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी का बड़ा खुलासा, भारत पेपर्स लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

जम्मू की PMLA विशेष अदालत में चार्जशीट, बैंक ऋण धोखाधड़ी और शेल कंपनियों के जरिए धन शोधन का आरोप

Highlights

  • ईडी ने भारत पेपर्स लिमिटेड (BPL) और 5 निदेशकों/संबद्ध व्यक्तियों के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र
  • ₹200 करोड़ की बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला
  • CBI और ACB की FIR के आधार पर शुरू हुई थी जांच
  • फर्जी कंपनियों, नकद निकासी और शेल कंपनियों के जरिए धन की हेराफेरी
  • ₹66.77 करोड़ की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क
  • ₹30 लाख नकद और 600 ग्राम सोना जब्त
  • BPL NCLT चंडीगढ़ में दिवालियापन प्रक्रिया का सामना कर रही

विस्तार

नई दिल्ली | प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने करीब ₹200 करोड़ के धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में भारत पेपर्स लिमिटेड (BPL) और उसके निदेशकों व संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है। ईडी ने सोमवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। यह आरोप पत्र 30 जनवरी को जम्मू स्थित धन-शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में दायर किया गया।

इन लोगों के खिलाफ दाखिल हुआ आरोप पत्र

ईडी द्वारा जिन आरोपियों को चार्जशीट किया गया है, वे हैं—

  • अनिल कुमार
  • परवीन कुमार
  • बलजिंदर कुमार
  • राजिंदर कुमार
  • अनिल कश्यप

इन सभी पर मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

₹200 करोड़ की बैंक ऋण धोखाधड़ी का मामला

ईडी ने यह जांच CBI और जम्मू के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। मामला भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम से जुड़े करीब ₹200 करोड़ के बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबंधित है।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि

  • आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत धोखाधड़ी से बैंक ऋण प्राप्त किए
  • स्वीकृत उद्देश्यों के बजाय ऋण राशि का दुरुपयोग और गबन किया गया
  • 2008 से 2013 के बीच धन की सुनियोजित हेराफेरी की गई

हेराफेरी के तरीके—

  • फर्जी संस्थाओं के माध्यम से धन का ट्रांसफर और नकद निकासी
  • कंसोर्टियम बैंकों के बाहर गुप्त बैंक खाते खोलना
  • ऋण और कैश क्रेडिट खातों से बड़े पैमाने पर नकद निकासी
  • शेल कंपनियों के जरिए फंड डायवर्जन
  • फर्जी चालानों के जरिये मशीनरी के पुर्जे चोरी कर बेचना
  • बैलेंस शीट में स्टॉक राइट-ऑफ और खातों में हेरफेर

फर्जी कंपनियों का जाल

जांच में यह भी सामने आया कि धन की हेराफेरी के लिए कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें शामिल हैं—

  • डीईई ईएसएस इंजीनियर्स
  • त्रिवेनी इंजीनियर्स
  • एरो स्कैफटेक प्राइवेट लिमिटेड
  • आर.एस. इंडस्ट्रीज
  • एरो एंटरप्राइजेज
  • सुका मोल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
  • कहलोन ऑटो इंडस्ट्रीज
  • रीजेंट फैब्रिकेशन्स

इसके अलावा, धन को इंडो ग्लोबल टेक्नो-ट्रेड लिमिटेड के माध्यम से BPL में शेयर कैपिटल/निवेश के रूप में डालकर ऑडिट ट्रेल छिपाने की कोशिश की गई।

तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी

ईडी ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

  • ₹30 लाख से अधिक नकद
  • लगभग 600 ग्राम सोना
  • आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य

जब्त किए गए। इसके अलावा, BPL के निदेशक अनिल कुमार को पीएमएलए के तहत पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

₹66.77 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

ईडी ने अपराध की आय से अर्जित ₹66.77 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनमें शामिल हैं

  • कठुआ जिले में BPL के नाम औद्योगिक भूमि और भवन
  • लुधियाना के मॉडल टाउन में दो आवासीय संपत्तियां  (अनिल कुमार अग्रवाल की पत्नी अंजू अग्रवाल, राजिंदर कुमार अग्रवाल और परवीन कुमार अग्रवाल के नाम पर)

NCLT में दिवालियापन प्रक्रिया

ईडी ने यह भी बताया कि भारत पेपर्स लिमिटेड वर्तमान में NCLT चंडीगढ़ बेंच के समक्ष दिवालियापन और दिवालिया संहिता (IBC) के तहत कार्यवाही का सामना कर रही है। जांच में कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) में कंपनी और निदेशकों द्वारा असहयोग के भी प्रमाण मिले हैं। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जांच जारी है।

RELATED ARTICLES

Most Popular