मनोहरटांड़ से सिंदरी–धनबाद को जोड़ने वाली अहम सड़क अधूरी, अंडरपास के पास कीचड़ और पानी बना मुसीबत
Highlights
- सिंदरी क्षेत्र की महत्वपूर्ण संपर्क सड़क हिरक रोड अब भी अधूरी
- मनोहरटांड़ से कांड्रा होते हुए धनबाद जाने का सबसे छोटा रास्ता
- पॉलिटेक्निक कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों के लिए अहम शॉर्टकट
- रेलवे अंडरपास के नीचे कच्चा नाला बना बड़ी बाधा
- मात्र 50–60 मीटर का हिस्सा बना हजारों लोगों की परेशानी
- वार्ड संख्या 53 का मामला, जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल

विस्तार
सिंदरी : मनोहरटांड़ से होकर गुजरने वाली हिरक रोड, जो आगे चलकर कांड्रा होते हुए सिंदरी–धनबाद मुख्य सड़क से जुड़ती है, आज पूरे इलाके के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन चुकी है। यह सड़क न सिर्फ मनोहरटांड़ और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए धनबाद जाने का सबसे छोटा और सुविधाजनक रास्ता है, बल्कि सिंदरी से पॉलिटेक्निक कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों के लिए भी यह एक लाइफलाइन की तरह है।इसके बावजूद यह सड़क आज भी अधूरी है, जिसका खामियाजा रोज़ हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
अंडरपास बना सबसे बड़ी बाधा
पॉलिटेक्निक कॉलेज से कुछ पहले यह सड़क एक रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास से गुजरती है। इसी अंडरपास के नीचे एक कच्चा नाला है, जो साल भर पानी और कीचड़ से भरा रहता है।
इस कारण
- दोपहिया और चारपहिया वाहन फिसलते हैं
- छात्रों और बुज़ुर्गों को चलना मुश्किल हो जाता है
- बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हिस्सा दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहा है।
सिर्फ 50–60 मीटर, मगर समस्या बड़ी
हैरानी की बात यह है कि पूरी परेशानी महज 50–60 मीटर के एक छोटे से हिस्से की वजह से है।
यदि
- सही जल निकासी व्यवस्था कर दी जाए
- कच्चे हिस्से का पुख़्ता निर्माण कर दिया जाए
तो पूरी हिरक रोड पूरी तरह से उपयोग योग्य हो सकती है।
कानूनी उलझन या प्रशासनिक उदासीनता?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि इस छोटे से हिस्से को लेकर भूमि स्वामित्व और अधिग्रहण से जुड़ा मामला (लिटिगेशन) चल रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या कानूनी उलझनों की आड़ में हज़ारों नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को अनदेखा किया जा सकता है?
वार्ड 53, जिम्मेदारी किसकी?
हिरक रोड का यह अधूरा हिस्सा वार्ड संख्या 53 के अंतर्गत आता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नगर प्रशासन और संबंधित विभागों की यह सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि
- रेलवे प्रशासन से समन्वय किया जाए
- प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल हो
- इस लंबे समय से लंबित समस्या का तत्काल समाधान निकाला जाए
जनता की मांग
यह सिर्फ एक सड़क का मुद्दा नहीं है,यह सुविधा, सुरक्षा, शिक्षा और विकास से जुड़ा सवाल है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि—
- हिरक रोड के अधूरे हिस्से का अविलंब निर्माण कराया जाए
- जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो
- लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवागमन की सुविधा मिले
अब समय आ गया है कि सिर्फ़ 100–150 मीटर की बाधा को विकास के रास्ते से हटाया जाए।
