Friday, February 13, 2026
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बजट 2026 से अधिवक्ताओं को बड़ी उम्मीदें, युवा वकीलों के लिए विशेष प्रावधान की मांग

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से आम और जूनियर अधिवक्ताओं को राहत की उम्मीद, डिजिटल कोर्ट से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक पर नजर

Highlights

  • 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से अधिवक्ताओं को बड़ी उम्मीद
  • खासकर नए और युवा वकीलों के लिए राहत की अपेक्षा
  • ई-कोर्ट्स और डिजिटल कानूनी सेवाओं के लिए अधिक फंड की मांग
  • वकीलों के लिए बीमा और वेलफेयर फंड पर जोर
  • जूनियर वकीलों के लिए मासिक वजीफा देने की मांग
  • निचली अदालतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की उम्मीद

विस्तार

नई दिल्ली : 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से आम अधिवक्ताओं को काफी उम्मीदें हैं, खासकर उन युवा और नए वकीलों को, जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस बार के बजट में उनके लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान किए जा सकते हैं।

डिजिटल इंडिया और ई-कोर्ट्स पर फोकस

सरकार का फोकस “डिजिटल इंडिया” पर है, इसलिए कानूनी क्षेत्र में भी डिजिटल बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
अधिवक्ताओं की मांग है कि

  • ई-कोर्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर फंड आवंटित किया जाए
  • डिजिटल हियरिंग और ई-फाइलिंग को और आसान बनाया जाए
  • युवा वकीलों के लिए लैपटॉप या लीगल सॉफ्टवेयर खरीदने पर टैक्स छूट या सब्सिडी दी जाए

सामाजिक सुरक्षा की मांग

अधिवक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता उनकी सामाजिक सुरक्षा है।
इस संदर्भ में उम्मीद जताई जा रही है कि

  • वकीलों के लिए सस्ती ग्रुप इंश्योरेंस (स्वास्थ्य और जीवन बीमा) योजनाएं लाई जाएं
  • बार काउंसिल और स्टेट बार काउंसिल के वेलफेयर फंड में सरकारी योगदान बढ़ाया जाए
  • बीमारी या किसी अनहोनी की स्थिति में वकीलों को आर्थिक सहायता मिले

GST और कानूनी सेवाएं

कानूनी सेवाओं पर GST की दरों में स्पष्टता या रियायत की भी उम्मीद की जा रही है।
इससे

  • क्लाइंट्स पर आर्थिक बोझ कम होगा
  • वकीलों के लिए टैक्स कंप्लायंस आसान होगा

जूनियर वकीलों के लिए मासिक सहायता

Junior Lawyers के शुरुआती संघर्ष को देखते हुए मांग की जा रही है कि—

  • पहले 2–3 वर्षों तक जूनियर वकीलों को निश्चित मासिक वजीफा दिया जाए
  • इससे नए वकीलों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने पेशे में आगे बढ़ सकेंगे

निचली अदालतों में बुनियादी सुविधाएं

निचली अदालतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की भी जरूरत बताई जा रही है।
इसके तहत

  • जिला अदालतों और तहसील स्तर पर
  • अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, लाइब्रेरी और मूलभूत सुविधाओं के लिए
  • अलग से बजट आवंटित किया जाए

अधिवक्ताओं की उम्मीदें

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट में इन प्रस्तावों को शामिल किया जाता है, तो इससे न केवल अधिवक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि न्याय प्रणाली भी अधिक मजबूत और डिजिटल होगी।

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