आलाकमान से मुलाकात के बाद विधायकों ने रखी शिकायतें और सुझाव, असंतोष से किया इनकार
Highlights
- झारखंड कांग्रेस के 16 में से 5 विधायक दिल्ली से रांची लौटे
- कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के बाद राजनीति में हलचल
- मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर रखी शिकायतें और सुझाव
- विधायकों ने असंतोष की खबरों को बताया गलत
- संगठन और सरकार को मजबूत करने की बात
- रांची एयरपोर्ट पर दी प्रतिक्रिया
विस्तार
रांची- झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। कांग्रेस के पांच विधायक दिल्ली से रांची लौट आए हैं। हाल ही में ये विधायक दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान विधायकों ने झारखंड सरकार में शामिल मंत्रियों की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी और सुझाव कांग्रेस आलाकमान के सामने रखे। विधायकों ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया। आलाकमान ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और विचार करने का भरोसा दिलाया।
असंतोष से इनकार, संगठन पर जोर
मुलाकात के बाद विधायक संतुष्ट नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली जाना किसी तरह के असंतोष का संकेत नहीं था, बल्कि संगठन और सरकार को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास था।
विधायकों का कहना था कि संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है, क्योंकि संघर्ष से निकले नेता ही संगठन की भावनाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं।
रांची लौटकर बयान
दिल्ली से लौटने के बाद रांची एयरपोर्ट पर विधायकों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली में चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह था कि झारखंड सरकार जनता और संगठन के प्रति कैसे बेहतर काम कर सके और कांग्रेस को राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर कैसे मजबूत बनाया जाए।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधायकों की दिल्ली यात्रा झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी समीकरणों में बदलाव का संकेत हो सकती है। आने वाले दिनों में पार्टी संगठन और सरकार में कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

