थेनपेन्नई नदी महोत्सव के दौरान गुब्बारों में गैस भरते समय हुआ हादसा, इलाके में दहशत
Highlights
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- काणम पोंगल के अवसर पर आयोजित ‘आत्रु तिरुविझा’ में बड़ा हादसा
- हीलियम सिलेंडर फटने से 50 वर्षीय महिला की मौके पर मौत
- बच्चों समेत 18 लोग गंभीर रूप से घायल, 6 ICU में भर्ती
- दो बच्चों के पैर काटने पड़े, हालत नाजुक
- पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की विस्तृत जांच
- काणम पोंगल के अवसर पर आयोजित ‘आत्रु तिरुविझा’ में बड़ा हादसा

विस्तार
कल्लाकुरिची (तमिलनाडु): तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में काणम पोंगल के अवसर पर आयोजित थेनपेन्नई नदी महोत्सव उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गया, जब गुब्बारों में गैस भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा हीलियम सिलेंडर अचानक फट गया। इस भीषण विस्फोट में 50 वर्षीय एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा महोत्सव स्थल पर लगी एक छोटी दुकान के भीतर हुआ, जहां हीलियम गैस से भरे गुब्बारे बेचे जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घायलों की हालत गंभीर
हादसे में घायल लोगों को तुरंत तिरुवन्नामलाई सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार,
- 6 घायलों को ICU में भर्ती किया गया है
- कई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है
- दो मासूम बच्चों के दोनों पैर काटने पड़े, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई
मृत महिला के दोनों पैर विस्फोट में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को घेरकर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि सिलेंडर में हीलियम गैस भरी हुई थी। हालांकि हीलियम ज्वलनशील गैस नहीं होती, लेकिन अत्यधिक दबाव या तकनीकी लापरवाही को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।
पहले फैली थी अफवाह, बाद में पुष्टि
हादसे के तुरंत बाद मौत को लेकर अलग-अलग अफवाहें सामने आईं। पहले एक पुलिस अधिकारी ने मौत की खबरों का खंडन किया था, लेकिन बाद में महिला की मौत और घायलों की गंभीर स्थिति की आधिकारिक पुष्टि की गई।
त्योहार में उमड़ी थी भारी भीड़
तमिल में ‘आत्रु तिरुविझा’ कहलाने वाला यह महोत्सव तमिल महीने ‘थाई’ के दौरान आयोजित होता है और पोंगल फसल उत्सव के समापन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर विल्लुपुरम, कुड्डालोर और कल्लाकुरिची जैसे जिलों में भारी भीड़ जुटती है, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।
