Saturday, February 14, 2026
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पेसा नियमावली पर चंपाई सोरेन का बड़ा हमला, बोले– आदिवासी समाज के साथ सरकार ने किया धोखा

Highlights:

  • पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पेसा नियमावली को बताया आदिवासी विरोधी
  • ग्राम सभा की शक्तियां कमजोर करने का लगाया आरोप
  • सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर खतरे की चेतावनी
  • गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान
  • पेसा नियमावली की प्रतियां फाड़ने की कही बात

रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस, सरकार पर तीखा हमला

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने पेसा नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। रांची में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद पेसा नियमावली लागू की गई, लेकिन इसकी शुरुआत ही आदिवासी समाज के अहित से की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पेसा की मूल भावना को ही खत्म कर दिया है और यह नियमावली आदिवासी समाज के साथ सबसे बड़ा धोखा है।

पेसा की आत्मा को खत्म करने का आरोप

चंपाई सोरेन ने कहा कि पेसा एक्ट शिड्यूल्ड एरिया के लिए बनाया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने नियमावली बनाते समय रूढ़िजन्य परंपराओं को ही हटा दिया।
उन्होंने कहा कि नियमावली के पहले पन्ने से ही आदिवासी समाज के अधिकारों पर चोट की गई है।

“पेसा की मूल भावना को नियमावली में खत्म कर दिया गया है, यह शिड्यूल एरिया की जनता के साथ धोखा है।”

ग्राम सभा को कमजोर करने का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमावली बनाकर ग्राम सभा को कमजोर कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि:

  • पेसा नियमावली आखिर किसके लिए बनाई गई है?
  • पहले ग्राम सभा सीएनटी तय करती थी, अब यह अधिकार डीसी को दे दिया गया है

उनका कहना था कि यह साफ तौर पर ग्राम सभा की शक्तियों को खत्म करने की साजिश है।

सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर खतरे की चेतावनी

चंपाई सोरेन ने कहा कि पेसा नियमावली के लागू होने से एक दिन ऐसा आएगा जब सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट भी नहीं बचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिड्यूल्ड एरिया में आदिवासियों की संख्या लगातार घट रही है, और उनकी पुस्तैनी जमीन खतरे में है।

सरकार को बताया आदिवासी विरोधी

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद की गठबंधन सरकार शुरू से ही आदिवासी विरोधी रही है। उन्होंने साफ कहा:

  • पुस्तैनी जमीन पर कोई भी उद्योग नहीं लगने देंगे
  • टाटा कंपनी के लीज का नवीकरण नहीं होने देंगे

हिंडालको को कोल ब्लॉक देने पर सवाल

चंपाई सोरेन ने दावा किया कि जिस दिन राज्य कैबिनेट ने पेसा नियमावली को मंजूरी दी, उसी दिन चतरा में हिंडालको कंपनी को कोल ब्लॉक दे दिया गया। उन्होंने इसे सरकार की मंशा पर बड़ा सवाल बताया।

गांव-गांव जागरूकता अभियान का ऐलान

पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि वे पेसा नियमावली को लेकर गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएंगे और नियमावली की प्रतियां जनता के बीच फाड़ेंगे, ताकि लोग इसके खतरे को समझ सकें।

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