झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सरकार से की अपील—सरकारी और निजी सभी स्कूलों में छुट्टी कुछ दिन और बढ़ाई जाए
Highlights
- झारखंड में लगातार गिर रहा तापमान, ठंड और कोहरे का कहर
- कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
- 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी
- रांची सहित 12 जिलों में दिन के तापमान में गिरावट
- सुबह के समय दृश्यता बेहद कम, बच्चों की सुरक्षा पर खतरा
- झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने अवकाश बढ़ाने की मांग
- नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के बच्चों को शामिल करने की अपील
विस्तार
झारखंड में ठंड और कोहरे से बिगड़े हालात
झारखंड में लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट, और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। रांची समेत 12 जिलों में दिन के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
सुबह स्कूल जाना बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण
घना कोहरा, शीतलहर और ठंड के कारण सुबह के समय बच्चों का स्कूल जाना स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा—दोनों दृष्टियों से जोखिम भरा साबित हो सकता है। खासकर छोटे बच्चों में इस मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पेरेंट्स एसोसिएशन की सरकार से मांग
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने राज्य सरकार से अपील की है कि सरकारी एवं गैर-सरकारी (निजी) सभी स्कूलों में अवकाश कुछ दिनों के लिए और बढ़ाया जाए।
बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील
अजय राय ने कहा कि ठंड, कोहरा और शीतलहर के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना सर्दी, बुखार, निमोनिया और श्वसन संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “शिक्षा जरूरी है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।”
ये प्रमुख मांगें रखी गईं
- सरकारी और निजी सभी स्कूलों में समान रूप से अवकाश बढ़ाया जाए
- नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यालयों को विशेष रूप से शामिल किया जाए
- मौसम सामान्य होने तक बच्चों की उपस्थिति को लेकर कोई दबाव न हो
- जिला प्रशासन को स्थानीय मौसम के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी जाए
जनहित में त्वरित निर्णय की जरूरत
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने कहा कि यह मांग पूरी तरह बच्चों की सुरक्षा, अभिभावकों की चिंता और जनहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। राज्य सरकार को हालात की गंभीरता समझते हुए तत्काल मानवीय और व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए।
