श्रद्धा, स्नेह और सेवा के संदेश के साथ राजधानी रांची में धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस
Highlights:
- राजधानी रांची समेत पूरी दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया क्रिसमस
- गिरजाघरों और चौक-चौराहों को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया
- मध्यरात्रि तक विशेष आराधना, कड़ाके की ठंड में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- संत मारिया महागिरजा चर्च में आर्चबिशप विंसेंट आइंद की अगुवाई में विशेष प्रार्थना
- रोमन कैथोलिक चर्चों में निभाई गई “यीशु चुमा” की परंपरा
- दान की राशि जरूरतमंद और गरीबों की सहायता में होगी उपयोग
विस्तार :
रांची में उत्सव का माहौल
जन्म पर्व क्रिसमस आज पूरी दुनिया के साथ-साथ झारखंड की राजधानी रांची में भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। क्रिसमस के अवसर पर शहर के प्रमुख गिरजाघरों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता शहर पूरी तरह से उत्सवमय नजर आया।
मध्यरात्रि तक चली विशेष आराधना
प्रभु यीशु मसीह के आगमन को लेकर गिरजाघरों में विशेष आराधना कल शाम से ही शुरू हो गई थी, जो मध्यरात्रि तक चली। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में मसीही विश्वासियों ने इन आराधनाओं में भाग लिया। इस दौरान मुख्य पुरोहितों ने प्रभु यीशु के जन्म का संदेश दिया और प्रेम, शांति व भाईचारे का आह्वान किया।
भजन, स्तुति और संदेश
आराधना के दौरान वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर प्रभु यीशु की जन्म-स्तुति की गई। गिरजाघरों में भक्ति, विश्वास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और समाज में प्रेम व सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लिया।
संत मारिया महागिरजा चर्च में विशेष आयोजन
पुरूलिया रोड स्थित संत मारिया महागिरजा चर्च में भी प्रभु यीशु मसीह के जन्म को लेकर विशेष आराधना का आयोजन किया गया। इस आराधना का नेतृत्व आर्चबिशप विंसेंट आइंद ने किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु चर्च परिसर में उपस्थित रहे और सामूहिक प्रार्थना में शामिल हुए।
यीशु चुमा की परंपरा निभाई गई
इस अवसर पर रोमन कैथोलिक गिरजाघरों में पारंपरिक “यीशु चुमा” की परंपरा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से प्रभु यीशु के बाल स्वरूप को नमन किया।
दान से सेवा का संकल्प
आराधना के दौरान दान में प्राप्त संपूर्ण राशि बिशप हाउस में जमा की जाएगी। इस राशि का उपयोग जरूरतमंद और गरीब लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से क्रिसमस के संदेश—सेवा, करुणा और मानवता—को व्यवहार में उतारने का संकल्प लिया गया।
शांति और भाईचारे का संदेश
क्रिसमस के अवसर पर रांची में यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शांति, प्रेम और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
