Sunday, April 26, 2026
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किशोरी बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए बाल विवाह मुक्त अभियान, स्कूलों में चला जागरूकता कार्यक्रम

जिला विधिक सेवा प्राधिकार चतरा की पहल, 100 आउटरीच कार्यक्रम के तहत छात्राओं को दी गई कानूनी जानकारी

Highlights:

  • झालसा व नालसा के तत्वावधान में जागरूकता अभियान
    • प्लस टू गंगा स्मारक उच्च विद्यालय व मध्य विद्यालय पहरा में कार्यक्रम
    • बाल विवाह को बताया गया संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध
    • 18 वर्ष से कम उम्र में शादी कानूनन अपराध
    • पंपलेट वितरण कर छात्राओं को किया गया जागरूक

विस्तार :

झालसा एवं नालसा के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, चतरा के सचिव श्री तारकेश्वर दास के निर्देशानुसार गिद्धौर प्रखंड में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। 100 आउटरीच कार्यक्रम के तहत प्लस टू गंगा स्मारक उच्च विद्यालय गिद्धौर तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय पहरा में बाल विवाह पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पीएलवी द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता पंपलेट का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह भारत के विकास में एक बड़ी बाधा है। 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरी का विवाह कराना या उसे बढ़ावा देना कानूनन अपराध है, जो संज्ञेय और गैर-जमानती है। इस अपराध में दो वर्ष तक की कठोर कैद या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।

पीएलवी ने कहा कि बाल विवाह से लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे उन्हें हिंसा, शोषण और गरीबी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी कारण समाज में बाल विवाह की रोकथाम के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में अधिकार मित्र प्रेरणा दास, पीएलवी जितेंद्र दास, शम्भु कुमार राणा, तपेश्वर कुमार, सुरेश प्रसाद राणा, शिक्षक पवन कुमार एवं रमजान अंसारी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

 

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