Sunday, April 26, 2026
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महा-संग्राम: चतरा में रजिस्ट्री दफ्तर पर ताला, 27 दिनों से सरकार को करोड़ों की चपत!

दस्तावेज नवीस संघ और जिला निबंधन पदाधिकारी के बीच टकराव, जमीन की खरीद-बिक्री ठप, आम जनता हलकान

Highlights:

  • चतरा जिला निबंधन कार्यालय में 27वें दिन भी हड़ताल जारी
    • जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह ठप, करोड़ों के राजस्व का नुकसान
    • दस्तावेज नवीस संघ ने पदाधिकारी पर मनमानी के लगाए आरोप
    • हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का दावा
    • CNT जमीन और वैध दस्तावेजों की रजिस्ट्री में जानबूझकर बाधा
    • समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

विस्तार :

चतरा में थम गया जमीन की खरीद-बिक्री का पहिया

चतरा जिले में जमीन की खरीद-बिक्री का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। जिला निबंधन पदाधिकारी और दस्तावेज नवीस संघ के बीच चल रहा विवाद अब आर-पार की लड़ाई में बदल चुका है। अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 27वां दिन है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।

सरकार को करोड़ों का नुकसान, कार्यालय में सन्नाटा

जिला निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि हड़ताल के चलते सरकार को अब तक करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है। जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने से आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं, जिनके जरूरी काम अटके पड़े हैं।

पदाधिकारी पर गंभीर आरोप

दस्तावेज नवीस संघ के अध्यक्ष महेंद्र राम ने जिला निबंधन पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का कहना है कि पदाधिकारी विभागीय आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं और मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
संघ के अनुसार, एक ओर जहां CNT एक्ट की जमीनों की रजिस्ट्री को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वैध कागजात वाली जमीनों में बेवजह आपत्तियां निकालकर रजिस्ट्री रोकी जा रही है।

न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप

संघ का दावा है कि जिला निबंधन पदाधिकारी न तो हाईकोर्ट और न ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कर रहे हैं।
सरकार द्वारा डिजिटाइज्ड किए गए खतियान और कम्प्यूटरीकृत पंजी-2 को मानने से इनकार कर रजिस्ट्री प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डाली जा रही है।

कार्रवाई या बदलाव तक आंदोलन जारी रहेगा

दस्तावेज नवीस संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक संबंधित पदाधिकारी की कार्यशैली में बदलाव नहीं होता या उन पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
इस लगातार चल रहे गतिरोध से आम जनता परेशान है और रजिस्ट्री कार्यालय की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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