Friday, March 6, 2026
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पेसा कानून की नियमावली को मिली हरी झंडी, कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों पर लगी मुहर

 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनहित और आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला

Highlights:

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट बैठक

  • कुल 39 प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी

  • पेसा कानून की नियमावली को दी गई स्वीकृति

  • जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन को मिलेगा बल

  • लंबे समय से प्रतीक्षित मांग हुई पूरी

विस्तार :

कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में झारखंड के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें सबसे अहम प्रस्ताव पेसा (PESA) कानून की नियमावली को स्वीकृति देना रहा। इसे आदिवासी और ग्रामीण स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

पेसा कानून लागू होने की दिशा में बड़ा कदम
लंबे समय से पेसा कानून की नियमावली को लेकर इंतजार किया जा रहा था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसके प्रभावी क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। यह कानून विशेष रूप से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को अधिक अधिकार देने और स्थानीय स्तर पर स्वशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार जनता की भावनाओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा—
“कैबिनेट में जो भी जनहित के मामले आते हैं, उन पर गहराई से विचार किया जाता है। पेसा कानून भी उन्हीं में से एक है।”

विभागों से ली गई विस्तृत राय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेसा कानून को अधिक प्रभावी और जन-उपयोगी बनाने के लिए विभिन्न विभागों से विस्तृत मंतव्य (राय) ली गई थी। सरकार का प्रयास रहा है कि नियमावली ऐसी हो, जिससे ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वशासन की व्यवस्था और मजबूत हो सके।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा अधिकार
पेसा कानून की नियमावली लागू होने से ग्राम सभाओं को विकास योजनाओं, संसाधनों के उपयोग और स्थानीय प्रशासन में निर्णायक भूमिका मिलेगी। इससे आदिवासी समाज को अपने क्षेत्र से जुड़े फैसलों में सीधी भागीदारी का अधिकार मिलेगा।

 

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