ऑड्रे हाउस में आयोजित समारोह में समाज, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को किया गया सम्मानित
Highlights:
- झारखंड राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष आयोजन
- ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस, रांची में हुआ भव्य समारोह
- “नदिया के पार” फेम अभिनेत्री साधना सिंह गुंजा रहीं सेलिब्रिटी गेस्ट
- समाज, कला, संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों को मिला सम्मान
- आयोजिका साधना झा कुमर ने जताया सहयोगियों के प्रति आभार
विस्तार :
झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर “रत्न श्री पुरस्कार” समारोह का भव्य आयोजन 20 दिसंबर को ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस, रांची में किया गया। यह आयोजन राज्य की रजत जयंती को समर्पित था, जिसमें समाज, कला, संस्कृति एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।
सेलिब्रिटी गेस्ट बनीं साधना सिंह गुंजा
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध फिल्म “नदिया के पार” की चर्चित अभिनेत्री साधना सिंह गुंजा विशेष रूप से सेलिब्रिटी गेस्ट के रूप में उपस्थित रहीं। उनकी मौजूदगी से समारोह में खास उत्साह और गरिमा देखने को मिली। दर्शकों और प्रतिभागियों में उनके प्रति खास आकर्षण रहा।
आयोजिका साधना झा कुमर का भावुक संबोधन
कार्यक्रम की आयोजिका साधना झा कुमर ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन उनका एक सपना था, जो आज सभी के सहयोग से साकार हुआ। उन्होंने कहा “हमारा सपना था कि झारखंड की 25वीं वर्षगांठ को कुछ विशेष और यादगार तरीके से मनाया जाए। सभी सहयोगियों, अतिथियों और टीम के अथक प्रयास से यह संभव हो सका।”
सहयोगियों को दिया विशेष धन्यवाद
साधना झा कुमर ने विशेष रूप से वसीम आलम, डेजी सिंह, सुनीता सराफ और अवधेश ठाकुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सभी ने हर कदम पर साथ देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, सम्मान समारोह और प्रेरणादायक संदेशों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। पूरा माहौल झारखंड की संस्कृति, गौरव और उपलब्धियों को दर्शाता नजर आया।
झारखंड की प्रतिभाओं को मिला मंच
“रत्न श्री पुरस्कार” समारोह ने न केवल झारखंड की गौरवशाली पहचान को रेखांकित किया, बल्कि राज्य की प्रतिभाशाली हस्तियों को सम्मान और मंच देने का भी कार्य किया।
कई हस्तियां हुईं सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई लोगों को “रत्न श्री पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
